पंचकूला। इस धरती पर भक्तों के कल्याण के लिए सद्गुरु अवतरित होते हैं। जिसने अपने गुरु को पहचान लिया, उसके जीवन में परिवर्तन निश्चित होना तय है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के दर्शन कर लेने मात्र से ही और गुरु की कृपा भरी दृष्टि पड़ने से कल्याण के पात्र हो जाते हैं। मोरनी रोड पर स्थित शिवधाम आश्रम में सुधांशु महाराज ने कहा कि आदिनाथ भगवान शिव की कृपा भक्तों पर कैसे बरसती है। सच्ची खुशी की कृपा भगवान शिव से ही मिलती है। उन्होंने अपने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के लिए हर संभव कार्य करने की प्रेरणा उपस्थित जनसमुदाय को देकर कहा कि यह अत्यंत सुखद अनुभूति है। भाग्य निर्माण के लिए सेवा ही सबसे बड़ा तप है। उन्होंने अपनी किस्मत को चमकाने के लिए गुरु के मार्गदर्शन में हर कार्य श्रद्धापूर्वक करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का समापन गुरु आरती के साथ हुआ। कार्यक्रम संयोजक मनोज शास्त्री ने सभी भक्तों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य अनिल झा ने किया। मनोज शास्त्री ने कहा कि शिव धाम आश्रम में सोमवार का दिन हजारों गुरु भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। अपने गुरुदेव के साक्षात दर्शन एवं आरती कर तथा मंगल आशीष प्राप्त कर सभी गुरु प्रेमियों ने खुद को बदलने के संकल्प लिए। कई जिलों एवं शहरों से आए धर्मप्रेमियों तथा गुरु भक्तों ने अपने आपको बड़ा भाग्यशाली अनुभव किया।