पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित जिला सचिवालय में बुधवार को जिलास्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त महावीर कौशिक ने की। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा हरियाणा नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्रों के प्रबंधन (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2021 के तहत नगर-निगम, नगर पालिका व नगर परिषद सीमा से बाहर अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने संबंधी अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए नीति अधिसूचित की गई हैं। यह नीति निकाय की सीमा से बाहर, निजी भूमि पर विकसित उन अवैध कॉलोनियों पर लागू होगी, जिनमें निर्माण अथवा विक्रय 1 जुलाई 2022 से पहले का है। इस नीति के तहत नियमित होने वाली कॉलोनियों में हरियाणा ग्रामीण विकास प्राधिकरण द्वारा विकास कार्य करवाए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि ऐसी कॉलोनियां जो नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्रों के रूप में घोषित करने के लिए आवेदन जमा नहीं करेंगी, वे अनाधिकृत/अवैध बनी रहेंगी। इसके अलावा उन कॉलोनियों और क्षेत्रों में जलापूर्ति और अन्य सेवाओं जैसे सीवरेज, ड्रेनेज, बिजली आदि के लिए कोई कनेक्शन प्रदान नहीं किया जाएगा।
डेवलपर्स या वेलफेयर एसोसिएशन कर सकते हैं आवेदन
उपायुक्त ने बताया कि डेवलपर्स या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन इस नीति की अधिसूचना की तारीख से छह माह की अवधि के भीतर अपने क्षेत्र को नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्र के रूप में घोषित करने के लिए हरियाणा ग्रामीण विकास प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नीति की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने और शुल्क के पूर्ण और अंतिम भुगतान के बाद ही आवेदक की कॉलोनी/क्षेत्र को नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्र के रूप में घोषित किया जाएगा।
एक सप्ताह में स्क्रूटनी कमेटी को भेजा जाएगा
आवेदनों की जांच प्रक्रिया का जिक्र कर उन्होंने कहा कि विकास एजेंसी द्वारा प्राप्त आवेदनों को एक सप्ताह के भीतर जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी के सभी सदस्यों को भेजा जाएगा। समिति आवेदक की उपस्थिति में समय-समय पर बैठक करेगी और यदि दस्तावेजों में कोई विसंगति मिलती है, तो आवेदन प्राप्त होने की तारीख से तीन माह के भीतर आवेदक को अवगत करवाया जाएगा। आवेदक को एक माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने होंगे। आवेदक द्वारा समिति की अनुशंसा प्राप्त होने और निर्धारित समय के भीतर डिमांड नोटिस की अनुपालना के बाद, उपायुक्त द्वारा संबंधित क्षेत्र/कॉलोनी को नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करने के लिए प्रस्ताव अधिसूचना के प्रारूप के साथ मंडलायुक्त को भेजा जाएगा। बैठक में जिला नगर योजनाकार गुंजन वर्मा, सहायक नगर योजनाकार पंकज बेनिवाल, लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) के कार्यकारी अभियंता गौरव जैन, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास लाठर, दमकल अधिकारी तरसेम, नायब तहसीलदार हरदेव सहित संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी शामिल थे।