पंजाब में यूजीसी के सातवें वेतनमान लागू करने के एलान से सभी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों के करीब 15,500 से ज्यादा नियमित प्राध्यापकों को वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। सातवें वेतनमान के तहत प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों के वेतन में 17 से 22 फीसदी की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। इस तरह वेतन में 5 से 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि इस फैसले को लागू करने से सरकार पर सालाना 365 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
यूजीसी ने 2016 में ही सातवां वेतनमान लागू कर दिया था, लेकिन पंजाब सरकार इस मामले में पीछे रह गई। इसे लेकर प्रदेश का शिक्षक वर्ग सरकार के खिलाफ लगातार धरने-प्रदर्शन भी करता रहा। आम आदमी पार्टी (आप) ने विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि उनकी सरकार बनते ही यूजीसी का सातवां वेतनमान लागू कर दिया जाएगा। पिछले विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री ने इस संबंध में एलान भी कर दिया लेकिन नोटिफिकेशन जारी न होने के चलते शिक्षकों ने फिर से सरकार का विरोध शुरू कर दिया था। पंजाब कॉलेजों की एसोसिएशन पीफैक्टो ने पंजाब की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के प्राध्यापकों के लिए अदालती लड़ाई भी लड़ी, लेकिन राज्य की पिछली सरकारों ने यूजीसी के वेतनमान लागू करने के प्रति उदासीनता दिखाई। बीते करीब दो वर्ष से पीफैक्टो ने पंजाब की यूनिवर्सिटी में यूजीसी के सातवें वेतनमान के लिए सैकड़ों बार रैलियां और धरने दिए।
दो किस्तों में मिलेगा एरियर
पंजाब सरकार द्वारा कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर शिक्षकों को सातवां वेतनमान 1 अक्तूबर 2022 से लागू किया जा रहा है लेकिन यूजीसी की ओर से यह वेतनमान 2016 में लागू कर दिए गए थे। इस समय देश में केवल पंजाब ही ऐसा राज्य बचा था, जिसने अब तक यह वेतनमान अपनी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के शिक्षकों को नहीं दिए थे। अब अगले महीने से नए वेतनमान लागू होने के बाद पिछले छह साल का एरियर भी सरकार को जारी करना होगा, जिसके बारे में वित्त विभाग का कहना है कि एरियर की राशि दो किस्तों में अदा करने पर विचार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव स्वीकार होते ही एरियर की पहली किस्त दिवाली तक शिक्षकों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
कॉलेजों के गेस्ट फैकल्टी को भी होगा लाभ
नए वेतनमान का नियमित शिक्षकों के अलावा कॉलेजों के गेस्ट फैकल्टी को भी लाभ होगा। हालांकि इससे पहले गेस्ट फैकल्टी के बेसिक मानभत्ते में संशोधन करना जरूरी होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से सोमवार को यह आश्वासन भी दिया गया है कि गेस्ट फैकल्टी को यूजीसी नियमों के तहत पूरा मानदेय सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा कांट्रैक्ट शिक्षकों के वेतनमान में भी सुधार होगा।