संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। स्टिल्ट प्लस 4 मंजिला भवनों के सर्वे के लिए गठित हरियाणा सरकार की कमेटी पर शहर की सेक्टर आरडब्ल्यूए अध्यक्षों ने नाराजगी जताई है। साथ ही शहर के सेक्टरों में सर्वे के लिए पहुंचने पर कमेटी का विरोध करने का फैसला लिया गया है। उनका कहना है कि इस कमेटी में कहीं भी स्थानीय लोगों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमेटी निष्पक्ष फैसला नहीं कर सकती है। इस कमेटी में वे लोग भी शामिल किए जाने चाहिए, जो इस प्लान से प्रभावित हुए हैं।
हरियाणा सरकार की तरफ से बनाए स्टिल्ट प्लस 4 मंजिला भवन प्लान का पंचकूला में शुरूआत से ही विरोध किया जा रहा है। यहां तक कि पूर्व थल सेना अध्यक्ष वीपी मलिक भी खुलकर इसका विरोध कर चुके हैं। सेक्टर-6 स्थित जाट भवन में आयोजित दो बैठकों में पहुंच कर उन्होंने लोगों की इस मुहीम को अपना समर्थन दिया और इसे रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।
हमारी शुरू से ही मांग थी कि कमेटी में स्थानीय लोगों को शामिल किया जाए। वे अपनी समस्या सही तरीके से बता पाएंगे। मगर सरकार को लोगों की परेशानी से कोई सरोकार ही नहीं है। उन पर अपने फैसले थोप रही है। - मोहिंदर बल्हारा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए, सेक्टर-28 एवं जिला कन्वीनर हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर कन्फेडरेशन
जो भी कमेटी बनाई जाए उसमें आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि शामिल किए जाएं। ऐसा नहीं किया जाता है तो सर्वे का विरोध किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि कमेटी में लोगों को शामिल करने से सरकार डर क्यों रही है। - धर्म सिंह हीरा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए, सेक्टर-26
अफसरों ने ऐसी कमरे में बैठकर यह बिल्डिंग प्लान बना दिया। अब इसके सही और गलत फैसले के लिए अधिकारियों को ही कमेटी बना दी। संभव ही नहीं है कि ये कमेटी लोगों के हित में फैसले दे पाएगी। सेक्टरवासी कमेटी में शामिल होने चाहिए। - हरदीप सिंह, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए, सेक्टर-23
जब सेक्टरों में रहने वाले लोगों को यह बिल्डिंग प्लान मंजूर ही नहीं है तो सरकार इसे लागू करने पर क्यों तुली हुई है। कमेटी में लोगों को शामिल नहीं किए जाने से साफ है कि सरकार की मंशा में खोट है। वो इस बिल्डिंग प्लान को लागू करना चाहती है।
- संजीव गोयल, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए, सेक्टर-25