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Panchkula News: आरटीए दफ्तर के कैशियरों ने 62 लाख रुपये का किया गबन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। आरटीए दफ्तर में तीन कैशियरों द्वारा 62 लाख रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) के दो पुरुष और एक महिला कैशियर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरटीए सेक्रेटरी की शिकायत पर सेक्टर-5 थाना पुलिस ने ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर राकेश राणा और दो ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर प्रवीण और शलागा के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, लाखों रुपये के गबन का खुलासा ऑडिट के दौरान हुआ। अगस्त माह की शुरूआत से ही हेडक्वार्टर की टीम पंचकूला आरटीए ऑफिस में 2020 से 2023 तक का ऑडिट कर रही थी। उस दौरान धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। सेक्टर-5 थाना एसएचओ अजीत सिंह का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच चल रही है।
जांच में हुआ खुलासा

विभाग की जांच में सामने आया कि ऑडिट के दौरान 1 जुलाई 2023 को तीन गाड़ियों का चालान किया गया था। चालान की स्लिप के अनुसार तीनों गाड़ियों की कुल चालान राशि 1.29 लाख रुपये थी। चालान के अनुसार 1.29 लाख रुपये सरकारी कोष में जमा नहीं करवाया गया, जबकि गाड़ी मालिक जिसका चालान हुआ था, उसने सब इंस्पेक्टर शलागा के पास चालान की राशि जमा करवाई थी। उस दौरान ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर शलागा, पंचकूला आरटीए दफ्तर में बतौर कैशियर तैनात थी। शक होने पर आरटीए सेक्रेटरी ने खुद ही जुलाई माह में जितने भी चालान हुए थे उसकी जांच की तो पाया कि जुलाई माह में गाड़ियों की कुल चालान राशि 28.19 लाख रुपये थी। कैशियर शलागा ने 28.19 लाख रुपये में से सिर्फ 24.45 लाख रुपये विभाग के कोष में जमा करवाया और बाकी के 3.74 लाख रुपये जमा नहीं करवाए।
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इसके बाद आरटीए सेक्रेटरी ने जनवरी 2023 से लेकर जुलाई 2023 तक की गाड़ियों के हुए चालान राशि को चेक किया तो उसमें हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए। जनवरी से जुलाई 2023 तक सात माह में करीब 125 गाड़ियों के चालान की राशि 62 लाख रुपये गायब मिले। उस दौरान ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर राकेश राणा, ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर प्रवीण और ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर शलागा बतौर कैशियर तैनात थे। आरटीए सेक्रेटरी हैरतजीत कौर बराड़ ने बताया कि ऑडिट टीम 2020 से 2023 तक ऑडिट कर रही है। 2023 के जनवरी से जुलाई माह तक के ऑडिट में कुछ हेराफेरी मिली है। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। गाड़ियों के हुए चालान की राशि 62 लाख रुपये विभाग के कोष में जमा नहीं करवाया गया।
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