शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

अब बनेगा रिंग रोड, जमीन देने के लिए पंजाब ने नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में भरी हामी

पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 21 Sep 2019 12:45 AM IST
चंडीगढ़। ट्राइसिटी में ट्रैफिक कंजेशन कम करने के लिए अटका रिंग रोड प्रोजेक्ट अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद रफ्तार पकड़ेगा। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की मदद से बनने वाले रिंग रोड पर शुक्रवार को अमित शाह की अध्यक्षता में 29वीं नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में चर्चा हुई। अपने एरिया में 700 मीटर का पुल बनाने को जमीन देने के लिए पंजाब सरकार ने हामी भर दी है। साथ ही मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पंचकूला के सेक्टर 20-21 तक बनने वाली रिंग रोड पीआर 7 के निर्माण के लिए भी पंजाब ने सहमति जताई है।
विज्ञापन
मीटिंग में हरियाणा सरकार ने बताया कि पंजाब से मिलने वाली सड़क के लिए पंचकूला के सेक्टर-24 से 25 तक लगभग 700 मीटर तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए घग्गर नदी पर पुल का निर्माण किया जाना है। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के स्तर की मीटिंग हुई। इसमें यह तय हुआ कि सड़क बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को वन भूमि सौंपने के लिए पंजाब और वन विभाग के अधिकारियों की ओर से जमीन का सीमांकन किया जाएगा। एचएसवीपी ने सीमांकन कर लिया, लेकिन पंजाब की तरफ से जमीन नहीं दी गई। इसके बाद रिंग रोड बनाने का प्रोजेक्ट लटक गया था। नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में इस मुद्दे को उठाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब से पूछा, जिसके बाद पंजाब ने इसके लिए हामी भर दी। कहा गया कि वह पुल बनाने के लिए जमीन हरियाणा को जल्द दे देंगे, जिसके बाद हरियाणा उस पर निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इस बैठक में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर, दिल्ली के एलजी और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी उपस्थित रहे।
इसलिए ट्राइसिटी को रिंग रोड की जरूरत
चंडीगढ़ को एक से डेढ़ लाख लोगों के रहने के लिए बसाया गया था, लेकिन अब सिटी की आबादी 12 लाख तक पहुंच चुकी है। जनसंख्या बढ़ने के साथ ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से रोजाना करीब डेढ़ लाख से अधिक छोटे व बड़े वाहन सिटी में प्रवेश कर इस दबाव को और बढ़ा रहे हैं। नतीजतन शहर और बाहरी वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते शहर की सड़कें कराह उठी हैं। ट्रिब्यून चौक, हल्लोमाजरा चौक समेत शहर के कई अन्य चौक-चौराहे जाम की गिरफ्त में रहते हैं। खासकर सुबह और शाम को वाहन चालकों को जाम का झाम झेलना पड़ता है। यही वजह है कि बीते दो साल से चंडीगढ़ में रिंग रोड बनाने की मांग चल रही है।
विज्ञापन

Recommended

civic amenities

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।