संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। रिटायर्ड नायब तहसीलदार द्वारा पुराने रिकार्ड से छेड़छाड़ कर वन विभाग की करोड़ों की भूमि पर नाजायज कब्जा करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मोरनी निवासी व्यक्ति की शिकायत पर रिटायर्ड नायब तहसीलदार देवीदत्त के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गांव बाना मोरनी निवासी टेकचंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि देवीदत्त गांव खरोग राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार रिटायर्ड है। उसने अपने परिवार को निजी लाभ देने के लिए राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की है।
किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलीभगत की है। आरोपी ने 1965-66 की जमाबंदी अनुसार खसरा नंबर 175 रकबा 02 बिस्वा का था। जिसको आरोपी ने अपने कार्यकाल में 1985-86 की जमाबंदी में 2 बीघा का बना दिया और अपने दो चाचा के कास्त से नाम काट कर सिर्फ अपने पिता का नाम दर्ज कर दिया। 1916-17 की बंदोबस्ती रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करके मोरनी से टिक्कर ताल जाने वाली सड़क कायम कर दी। सड़क वर्ष करीब 1994 में बनाई गई और सड़क का तरतीमा काट दिया और सड़क की तरफ अपने भाई का खसरा नंबर 180 रक्बा 6 बीघा का बना दिया।
एक खसरा नंबर 179 रकबा 10 बीघा का भी बना दिया क्योंकि देवीदत्त सदर कानूनगो पंचकूला के पद पर लम्बे समय तक कार्यरत रहा। वह बिना अनुमति रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करके या किसी अन्य के साथ मिलकर अपने परिवार को लाभ देने के लिए वन विभाग की सडक़ से लगती करोड़ों रुपये की भूमि पर करीब 20 से 25 बीघा पर अवैध कब्जा किया हुआ है। वन विभाग और ग्राम पंचायत द्वारा बनाया गया पानी का जोहड पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव खरोग में जितनी प्रदेश सरकार की भूमि है उसका कोई भी खसरा नंबर शिजरा या मशावी में कायम नहीं है। सिर्फ और सिर्फ देवीदत्त के परिवार के ही खसरा नंबर 179 वा 180 ही छापे गए हैं। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।