चंडीगढ़। पंजाब में संपत्तियों के दिए जाने वाले विज्ञापनों में रियल स्टेट कारोबारियों को पंजीकरण दिखाना अनिवार्य होगा। आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री अमन अरोड़ा ने वीरवार को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने बैठक के दौरान अधिकारियों को संपत्ति विवाद निवारण तंत्र को और अधिक सुचारु बनाते हुए संपत्ति विवादों के मामलों का तेजी से समाधान करने के निर्देश दिए।
चंडीगढ़ स्थित रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी, पंजाब के कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि रेरा को रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 के मुख्य उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जोरदार ढंग से प्रयास करने चाहिए, जिससे संपत्ति की बिक्री में और अधिक पारदर्शिता लाकर खरीदारों के हितों की रक्षा की जा सके।
कैबिनेट मंत्री ने देखा कि सभी रजिस्टर्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्टों और एजेंटों का डेटाबेस अथॉरिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है और उन्होंने रेरा को प्रमोटरों, अलॉटियों और रियल एस्टेट एजेंटों की जिम्मेदारियों संबंधी नियमों की पालना को सुनिश्चित बनाने के लिए कहा।
रेरा, पंजाब के चेयरपर्सन नवरीत सिंह कंग ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि 11 जुलाई तक रेरा के पास 1962 योजनाएं पंजीकृत हुई हैं। सभी पंजीकृत योजनाओं के बारे में अथॉरिटी की वेबसाइट पर तिमाही अपडेट और खातों की सालाना स्टेटमेंट जमा करवानी अनिवार्य है।
पंजाब में 2706 कारोबारी पंजीकृत
कंग ने बताया कि पंजाब में 2706 रियल एस्टेट कारोबारियों ने अपना पंजीकरण कराया है। इन सभी को रेरा पंजीकरण नंबर दिए गए हैं। आवेदन प्राप्त करने और रेरा पंजीकरण नंबर जारी करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है।
अब तक 2548 शिकायतों का निपटारा
11 जुलाई तक 2548 शिकायतों का निपटारा किया गया है। अथॉरिटी की ओर से सभी आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के अधीन विचारे जा रहे हैं और आवेदनकर्ता अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।