हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा में कोविड के दौरान मुनाफाखोरी में लिप्त निजी अस्पतालों पर सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साफ कहा है कि जो भी निजी अस्पताल इसमें पकड़ा गया, उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। ऑक्सीजन आपूर्ति बंद करने के साथ ही भर्ती मरीज दूसरे अस्पतालों में भेजे जाएंगे। यही नहीं, नए मरीज भर्ती करने की भी अनुमति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के निजी व सरकारी अस्पतालों में 17 हजार ऑक्सीजन बेड हैं, जिनमें से लगभग 13500 पर मरीज दाखिल हैं। इन ऑक्सीजन बेड की व्यवस्थाओं में 60 प्रतिशत योगदान निजी अस्पतालों का है लेकिन यह बात कष्ट देती है जब पता चलता है कि कुछ अस्पताल निर्धारित रेट से अधिक की राशि वसूल रहे हैं। ऐसा करने पर पकड़े जाने पर आपराधिक अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए ऑक्सीजन सप्लाई बंद करने और डि-रजिस्ट्रेशन जैसी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। उन्होंने एंबुलेंस वालों से भी तय दाम से ज्यादा न वसूलने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह पर ऑक्सीजन डिलीवरी घर पर दी जा रही है और यह व्यवस्था बहुत हद तक सामान्य हो गई है। गुरुवार दोपहर तक छह हजार मरीजों ने रजिस्ट्रेशन करवाया, जिसमें से अब तक 3000 से अधिक लोगों के घर तक सिलिंडर पहुंचाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार ऑक्सीजन कन्संट्रेटर मंगवाए जा रहे हैं। कुछ सामाजिक संस्थाएं भी इसमें सहयोग कर रही हैं और विदेश में रह रहे हमारे कुछ हितैषी भी कन्संट्रेटर भेज रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आइसोलेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक हजार पर कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए पंचायतों के प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है। ईएसआई से 300 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मिला है, जिनकी सेवांए ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी और सीएचसी पर लेंगे।