चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट-2019 को चुनौती देने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर दाखिल अर्जी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य याचिका के साथ 7 दिसंबर को सुनवाई का निर्णय लिया है।
राजेश पाल व अन्य ने गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट-2019 को चुनौती दी है। याचिका में अतिथि अध्यापकों के खिलाफ हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए बताया गया कि इन शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया गया था। इन शिक्षकों को हटाने के स्थान पर इनके पक्ष में सर्विस एक्ट बना दिया गया। ऐसा करना कानून के खिलाफ है और ऐसे में एक्ट को रद्द किया जाना चाहिए। याचिका हाईकोर्ट में तीन साल से विचाराधीन है और कोरोना के चलते इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। अर्जी दाखिल करते हुए याची ने इस पर तुरंत सुनवाई करने का हाईकोर्ट से आग्रह किया है। हाईकोर्ट ने अब इस अर्जी पर मुख्य याचिका के साथ 7 दिसंबर को सुनवाई का फैसला लिया है।