सामुदायिक केंद्रों के रेट नहीं बढ़ेंगे, 664 ट्यूबवेल ऑपरेटरों की नौकरी पर संकट
हंगामेदार रही नगर निगम सदन की बैठक, ऑपरेटरों की नौकरी बचाने के मुद्दे पर पार्षद और नगर आयुक्त के बीच हुई तीखी बहस
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। नगर निगम सदन की मंगलवार को हुई बैठक हंगामेदार रही। पार्षदों के भारी विरोध के बाद सामुदायिक केंद्रों के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया गया। हालांकि, 664 ट्यूबवेल ऑपरेटरों की नौकरी बचाने के मुद्दे पर पार्षद और नगर आयुक्त के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिससे ऑपरेटरों का भविष्य अधर में लटक गया है।
नगर निगम की तरफ से पेश किए गए सामुदायिक केंद्रों के रेट बढ़ाने के प्रस्ताव को पार्षदों के जोरदार विरोध के चलते अगले सदन के लिए टाल दिया गया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। कांग्रेस पार्षद भारतीय झूठी पार्टी का चेक लेकर पहुंच गए और मेयर को पकड़ाने लगे। कांग्रेस पार्षद ने भाजपा पर 238 करोड़ का झूठा चेक देने का आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया, वहीं आम आदमी पार्टी ने सामुदायिक केंद्रों में भ्रष्टाचार और रेट वृद्धि का मुद्दा उठाया।
पार्षद अधिकांश एजेंडों पर अपनी मांग मनवाने में सफल रहे, लेकिन 664 ट्यूबवेल ऑपरेटरों की नौकरी बचाने के मुद्दे पर नगर आयुक्त अमित कुमार और पार्षदों के बीच मतभेद सामने आया। पार्षदों ने ऑपरेटरों को हटाए जाने की बात कही, जिस पर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी ऑपरेटर को हटाया नहीं गया है और उनका कार्यकाल 31 जून तक बढ़ाया गया है। हालांकि, जब पार्षदों ने सभी 664 ऑपरेटरों की नौकरी सुरक्षित करने की मांग की, तो नगर आयुक्त ने नगर निगम की खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए इसे असंभव बताया। इस पर पार्षदों ने सदन के फैसले का हवाला दिया, जिसके बाद नगर आयुक्त ने कहा कि सदन के फैसले के खिलाफ उनकी आपत्ति लगाकर रिपोर्ट प्रशासक को भेजी जाए। मेयर ने इस मुद्दे पर सभी पार्षदों को लेकर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मिलने का भरोसा दिलाया।
अन्य प्रमुख प्रस्ताव और निर्णय....
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे सामुदायिक केंद्र
नगर निगम ने पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर सामुदायिक केंद्र और क्लब बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। इसमें कुछ पुराने सामुदायिक केंद्रों का नवीनीकरण और कुछ नए केंद्रों का निर्माण होगा। सेक्टर 16 स्थित रोज क्लब को गोल्फ क्लब और बड़े क्लबों की तर्ज पर पुनर्विकसित किया जाएगा। भाजपा पार्षद सौरभ जोशी के प्रस्ताव पर मेयर ने भी सहर्ष स्वीकार किया कि इसमें सभी वर्तमान और पूर्व पार्षद सदस्य होंगे।
फायर गाड़ियों का किराया बढ़ा
शहर में होने वाले कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के लिए फायर गाड़ियों का किराया बढ़ा दिया गया है। चंडीगढ़ के अंदर लाइव शो, फिल्म शूटिंग और क्रिकेट मैच के लिए फायर गाड़ियों का प्रति घंटे का किराया 579 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है। चंडीगढ़ के बाहर के कार्यक्रमों के लिए यह दर 2205 और 3308 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रति घंटा कर दी गई है।
8 महीने के भीतर फायर एनओसी अनिवार्य
अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) के नियमों को सख्त किया गया है। अब आवेदन करने के 8 महीने के भीतर फायर एनओसी प्राप्त न करने पर आवेदन रद्द हो जाएगा और आवेदक को दोबारा आवेदन करना होगा।
20 एकड़ से बड़े सभी पार्क में पालतू कुत्तों का प्रवेश बंद
शहर में पालतू और लावारिस कुत्तों के रखरखाव और प्रबंधन के लिए चंडीगढ़ पेट एंड कम्युनिटी डॉग्स बायलॉज का एजेंडा पास कर दिया गया है। 20 एकड़ से बड़े सभी पार्कों में पालतू कुत्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य होगा, और घर के क्षेत्रफल के आधार पर ही कुत्ते रखे जा सकेंगे। बाहर ले जाते समय पट्टा और रस्सी अनिवार्य होगी, साथ ही शौच साफ करने के लिए उपकरण भी साथ रखना होगा। स्ट्रे डॉग्स को अब कहीं भी खाना नहीं दिया जा सकेगा इसके लिए आरडब्ल्यूए और पार्षदों की सहमति से प्रत्येक इलाके में जगह चयनित की जाएगी।
लाल डोरे के बाहर के घरों को मिलेगा पानी कनेक्शन
लाल डोरे के बाहर स्थित घरों को अस्थायी पानी कनेक्शन देने का एजेंडा भी पास कर दिया गया है। नगर निगम ने इस बार विभिन्न राज्यों की अदालतों के फैसलों को आधार बनाकर नया प्रस्ताव बनाया था। पार्षदों के विरोध के बाद यह तय किया गया कि नए बनने वाले मकानों से कनेक्शन देने से पहले वन टाइम सेस लिया जाएगा। यह प्रस्ताव अब प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के पास जाएगा।
ये प्रस्ताव भी पास
-डे मार्केट के शर्तों और नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी पास किया गया।