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Panchkula News: नो एंट्री में भारी वाहनों का रैला, पुलिस नाकाम, हादसों की संभावना

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संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। नो एंट्री के समय भी कालका के बाजारों से भारी वाहनों का गुजरना जारी है। इस पर नकेल लगाने में ट्रैफिक पुलिस नाकाम साबित हो रहा है। रेलवे रोड से होकर गांधी चौक और काली माता मंदिर रोड से भारी वाहनों को गुजरते देखा जा सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि करीब दो वर्ष पहले एक सड़क हादसे के बाद शहर में सुबह 9 से रात 8 बजे तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बावजूद शहर में बड़े वाहनों की आवाजाही लगातार हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। कई बार इस तरफ ध्यान आकर्षित करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।


हादसे से नही लिया सबक
दो वर्ष पहले परवाणू से जीरकपुर की तरफ जा रहे एक कैंटर की ब्रेक फेल हो गई थी। इसके बाद कैंटर ने एक अल्टो कार, बाइक, स्कूटी सहित कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया था। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग कैंटर की चपेट में आ गए थे। इसमें एक महिला और बच्चे की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद शहरवासियों के एक शिष्टमंडल ने एसडीएम और पुलिस प्रशासन से दिन में बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके साथ ही राजनेताओं ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भारी वाहनों का प्रवेश एक निश्चित समय तक तय करने की मांग की थी। तत्कालीन एसीपी मुकेश जाखड़ ने भी दुकानदारों के साथ बैठक कर सुबह 9 से रात 8 बजे तक बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगवा दी थी। अब कुछ समय से शहर में दोबारा से भारी वाहनों की आवाजाही निरंतर देखने को मिल रही है।
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सुबह-शाम चलते हैं भारी वाहन
कालका में सुबह बच्चों के स्कूल जाने का समय होता है। भारी संख्या में नौकरी-पेशा लोग भी ड्यूटी के लिए निकलते हैं। काफी संख्या में लोग मुख्य चौराहों पर खड़े होकर सवारी वाहनों का इंतजार करते हैं। इतना ही नहीं इस समय भारी संख्या में श्रद्धालु भी मंदिर में शीश नवाने के लिए सड़क मार्ग से पैदल और दोपहिया वाहनों से गुजरते हैं। ऐसे में सुबह के समय भारी वाहन सड़कों पर तेज रफ्तार से निकलते हैं। इसके अलावा शाम के समय जब रेलवे रोड, गांधी चौक पर लोगों की चहल-पहल होती है, उस समय भी सड़क पर भारी वाहन गुजरते हैं।



भारी वाहनों के कारण दिन में हादसों का अंदेशा रहता है। ट्रैफिक पुलिस कालका-परवाणू बैरियर के नजदीक चालान काटने में व्यस्त रहती है। जब 9 से रात 8 बजे तक नो एंट्री का समय है, तो यह भारी वाहन किस आधार पर शहर में प्रवेश कर रहे हैं। -नरेश धीमान, स्थानीय निवासी
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भारी वाहनों के दिन में प्रवेश करने के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर भारी वाहनों के प्रवेश पर एक निश्चित समय तक रोक लगनी चाहिए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। - संतोष कुमार, स्थानीय निवासी


एसडीएम कालका के साथ मीटिंग कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा। - जोगिन्द्र शर्मा, एसीपी कालका।
इस बाबत अधिकारियों से राय कर के , जो आदेश होंगे उन्हें अमल में लाया जाएगा। - सुरिंदर सिंह, ट्रैफिक एसीपी पंचकूला।
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