फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: मंत्री के बचाव में आए हरियाणा के एएजी सभरवाल को लेकर उठे सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शारीरिक शोषण के मामले में मामले खुलकर मंत्री संदीप का साथ देने को लेकर सवालों के घेरे में आई हरियाणा सरकार अब और विवाद में घिर गई है। हरियाणा के अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) दीपक सभरवाल ने बचाव पक्ष के वकील के रूप में मंत्री का बचाव किया है। सभरवाल न केवल मंत्री के साथ एसआईटी के सामने पेश हुए, बल्कि उन्होंने खुलकर मंत्री पर लगे आरोपों को सिरे से नकारा है। इसी को लेकर एएजी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने मंत्री और एएजी को बर्खास्त करने और केस की सीबीआई से जांच की मांग दोहराई है।
विज्ञापन

नियुक्ति की शर्तों के अनुसार, एक अतिरिक्त महाधिवक्ता ऐसे किसी भी मामले में वकील के रूप में उपस्थित हो सकता है जहां राज्य एक प्रतिवादी पक्ष नहीं है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि उन्हें आरोपी मंत्री का प्रतिनिधित्व करने से बचना चाहिए था। मामले की जांच के लिए राज्य द्वारा घटना के संबंध में हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ पुलिस (एसआईटी) का भी गठन किया गया है।
हरियाणा के महाधिवक्ता (एजी) अधिकारी के अतिरिक्त महाधिवक्ता होने के नाते, सभरवाल वर्तमान में राज्य के पुलिस और संबंधित विभागों से संबंधित अधिकांश आपराधिक मामलों को संभाल रहे हैं। उधर, सभरवाल ने दावा किया कि उन्होंने मंत्री संदीप सिंह का वकील बनकर कोई अवैधता नहीं की है। कानूनी तौर पर वह इस मामले में ‘निजी क्षमता में’ उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह से हकदार हैं क्योंकि हरियाणा इस मामले में पक्षकार नहीं है। बता दें कि इस मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही है। साथ ही हरियाणा सरकार ने भी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया हुआ है।
विज्ञापन

सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने की बजाय मंत्री को बचाने में जुटी : चौटाला
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने बयानों में मंत्री संदीप सिंह को ‘क्लीन चिट’ देने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। अब सरकारी अतिरिक्त महाधिवक्ता को क्रिमिनल मैटर में कानूनी पैरवी करने के लिए सहमति दी है। उससे साफ है कि मुख्यमंत्री पीड़िता को न्याय दिलवाने की बजाय आरोपी मंत्री को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा सिर्फ कागजों तक सीमित हो कर रह गया है। चौटाला ने कहा कि पीड़िता के 164 के बयान दर्ज हो चुके हैं और पीड़िता के बयान के अनुसार मंत्री ने जो टी-शर्ट फाड़ी थी वो भी सबूत के तौर पर बरामद हो चुकी है। केस को रफा दफा करने की एवज में पीड़ित कोच को विदेश में बसने के लिए एक करोड़ रुपये की पेशकश करने वाले शख्स की भी पहचान पुलिस ने कर ली है जो मंत्री का ही सहयोगी निकला। इतने सबूत होने के बाद भी आरोपी मंत्री संदीप सिंह की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी न होना दर्शाता है कि सरकार ने मंत्री को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। अभय ने कहा कि सरकारी अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक सभरवाल और आरोपी मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए और इस केस की जांच सीबीआई से करवाई जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें