चंडीगढ़। पंजाब ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी के अंत तक वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) में 15.69 प्रतिशत बढ़ोतरी और आबकारी राजस्व संग्रह में 11.71 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की है। राज्य के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और इसका राजस्व लगातार बढ़ रहा है।
चीमा ने बताया कि मार्च 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यभार संभालने के बाद राज्य वित्तीय सुधारों का साक्ष्य रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी तक कुल जीएसटी प्राप्ति वित्तीय साल 2022-23 की इसी अवधि के दौरान एकत्रित किए 16615.52 करोड़ के मुकाबले 19222.5 करोड़ रुपये रही। इससे राजस्व में 2606.98 करोड़ रुपये का विस्तार दर्ज किया गया।
आबकारी से राजस्व में विस्तार भी 8093.59 करोड़ के संग्रह के साथ 842.72 करोड़ रुपये का विस्तार दर्शाता है, जबकि पिछले वित्तीय साल की इसी अवधि के दौरान 7244.87 करोड़ प्राप्त हुए थे। बेहतर योजनाबंदी को प्रभावशाली ढंग के साथ लागू करने के कारण राज्य ने फरवरी के अंत तक वैट, सीएसटी, जीएसटी, पीएसडीटी और आबकारी से 34,158 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करते हुए शुद्ध कर राजस्व में 13.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।
वित्त मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं बल्कि पंजाब के लोगों की तरफ से हमारी सरकार में रखे भरोसे को दर्शाते हैं और पंजाब सरकार इस राजस्व का प्रयोग महत्वपूर्ण जन सेवाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और समाज भलाई के लिए ऐसे प्रोग्राम में जिम्मेदारी के साथ खर्च करने के लिए समर्पित है, जो पंजाब निवासियों के जीवन को और ऊंचा उठाएं। इसे राज्य की आर्थिक खुशहाली की तरफ एक शानदार शुरुआत मानते हुए उन्होंने पंजाब के लोगों से कर चोरी के पूरे खात्मे के लिए महत्वपूर्ण योगदान डालने के लिए ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ जैसी अभियानों में हिस्सा लेने की अपील की।