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Panchkula News: 12 साल में भी जेलों में मौजूद जैमर 100 प्रतिशत सफल बनाने में पंजाब नाकाम, हाईकोर्ट नाराज

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चंडीगढ़। केंद्र से जेलों में सुधार के लिए ग्रांट बढ़ने और हाईकोर्ट में मामला 12 साल से विचाराधीन होने के बावजूद पंजाब की जेलों में मौजूद जैमर के मोबाइल सिग्नलों पर 100 प्रतिशत प्रभावी न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निराशा जताई है। कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसे ही रहा तो यह काम कभी पूरा नहीं हो पाएगा। जैमर 100 प्रतिशत प्रभावी बनाने पर हाईकोर्ट ने अब पंजाब व केंद्र सरकार को अगली सुनवाई पर अभी तक उठाए कदमों का ब्योरा व आगे की योजना सौंपने का आदेश दिया है। पंजाब की जेलों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जेलों को अत्याधुनिक जैमर से लैस करने करने के लिए कदम उठाने के लिए पंजाब सरकार को आदेश दिया था। एक दशक से अधिक समय से विचाराधीन है और अभी तक इस मामले में पंजाब सरकार कार्य को पूरा नहीं कर सकी है। पिछली सुनवाई पर जैमर को लेकर पंजाब सरकार की धीमी गति को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि इसी रफ्तार से पंजाब सरकार कार्य करेगी तो यह काम कभी पूरा नहीं हो सकेगा। हाईकोर्ट ने कहा था कि अब फाइव जी का जमाना है और सरकार जेलों को फोर जी जैमर से लैस नहीं कर पा रही है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर सभी जेलों को अत्याधुनिक जैमर से लैस करने की टाइम लाइन सौंपने का आदेश दिया था।
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अब पंजाब सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी व सुझाव के अनुसार पंजाब की दो जेलों अमृतसर व कपूरथला में टावर ऑफ हार्मोनियस कॉल ब्लॉकिंग सिस्टम लगाया है जो 95 प्रतिशत तक प्रभावी है। इसमें टेलीकॉम कपंनियों का सहयोग मिले तो इसे 100 प्रतिशत प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए इन कंपनियों को याचिका में पक्ष बनाना होगा। 100 प्रतिशत सिग्नल जाम करने के लक्ष्य तक पहुंचने के बाद इसे सभी 13 जेलों पर लागू किया जा सकेगा।
इस दौरान पंजाब सरकार ने जेलों में सुधार के लिए फंड की कमी होने की बात कही। इस पर केंद्र सरकार की ओर से एडवोकेट अरुण गोसाई ने बताया कि रिफॉर्म कमिशन की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब की जेलों के लिए मंजूर फंड को भी बढ़ाया जा चुका है। कोर्ट ने कहा कि जब केंद्र फंड बढ़ा चुका है तो क्या परेशानी है। कोर्ट ने पंजाब सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए अब इस मामले में केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही पंजाब सरकार को आगे उठाए कदमों की जानकारी देने का आदेश दिया है।
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