25 हजार क्षमता की आधारभूत सुविधाओं में रह रहे 45 हजार लोग, जल्द बढ़ेंगे 20 हजार लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-20 में आबादी का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। एचएसवीपी बढ़ती आबादी के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास नहीं कर रही है। लोगों का कहना है कि सेक्टर-20 की आबादी करीब 45 हजार है। आधारभूत सुविधाएं केवल 20 से 25 हजार लोगों के लिए ही पर्याप्त है। पिछले दो महीने में एचएसवीपी ने 7 सोसाइटी के लिए प्लॉट नीलाम किए हैं। ये सोसाइटी बनने के बाद सेक्टर की आबादी करीब 20 हजार और बढ़ जाएगी। तीन गुना भार होने के कारण व्यवस्था फेल होने का डर लोगों को सता रहा है।
सेक्टर-20 शहर की सबसे ज्यादा आबादी का सेक्टर है। इसमें 111 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनी हुई हैं। तीन प्राइवेट सोसाइटी भी हैं। इसके अलावा फतेहपुर और कुंडी गांव भी सेक्टर-20 में शामिल हैं। एक आशियाना भी सेक्टर में बनाया हुआ है। इन सबसे अलग अन्य सेक्टरों की तरह प्लॉट भी सेक्टर-20 में हैं। अब एचएसवीपी ने सेक्टर में आधा एकड़ की 3 सोसाइटी, 1 एकड़ की 1 सोसाइटी, 1.5 एकड़ की 1 सोसाइटी, 4.5 एकड़ की 1 सोसाइटी और 10 एकड़ की एक सोसाइटी के लिए प्लॉटों की नीलामी हाल ही में की है। सेक्टर में पहले ही सड़क, स्ट्रीट लाइट और पार्कों की बेहतर व्यवस्था नहीं है। सेक्टर में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। कम दबाव में पानी आपूर्ति की समस्या भी बनी हुई है। जब भी तेज बारिश आती है तो कई फीट तक पानी सेक्टर में खड़ा हो जाता है। घंटों तक उसकी निकासी नहीं हो पाती है।
2003 में सेक्टर की आबादी 15 हजार थी। 20 साल में आबादी 45 हजार तक पहुंच गई है। सेक्टर की ढांचागत व्यवस्था 25 हजार लोगों के लिए तो पर्याप्त है, मगर उससे ज्यादा होने पर परेशानी सबको झेलनी पड़ रही है। -योगीन्दर क्वात्रा
सीवर ओवरफ्लो रहता है। पानी कम दबाव में आता है। हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। सेक्टर में घुसने और निकलने के लिए 15 से 20 मिनट तक जाम में फंसना पड़ता है। मगर अधिकारियों को यह सब दिखाई नहीं देता है। -सीबी तनेजा
एचएसवीपी नई सोसाइटियां तो बना रहा है, मगर पहले से यहां रह रहे लोगों की सुविधा के लिए अधिकारी कतई गंभीर नहीं हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, सड़कें टूटी हैं। लोगों के सैर करने के लिए अच्छे पार्कों की व्यवस्था नहीं है। -विद्याव्रत पीपली
अधिकारी कहते हैं कि सब सही चल रहा है। मगर परेशानी यहां के लोग ही जानते हैं। सीवरेज ओवरफ्लो होने के कारण बदबू भरा आलम रहता है। नई सोसाइटी बसाने से पहले यहां रह रहे लोगों को पर्याप्त सुविधाएं देनी चाहिए। -विकास जैन
सेक्टर में सबसे बड़ी समस्या सीवर ओवरफ्लो की है। क्षमता से ज्यादा आबादी होने के कारण यह समस्या आ रही है। इस मामले को मैंने हाउस की बैठक में भी उठाया था। शहर के लिए मुख्यमंत्री संज्ञान ले रहे हैं, उसकी यह हालत बनी हुई है। अगर और ज्यादा आबादी बढ़ती है और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपडेट नहीं किया गया तो यह ध्वस्त हो जाएगा। -सुशील गर्ग, पार्षद नगर निगम, वार्ड-14
सेक्टर-20 की इंफ्रास्ट्रक्चर वहां रह रही आबादी के लिए पूरी तरह सक्षम है। अगर जरूरत पड़ी तो उसमें डेवलपमेंट कर दी जाएगी। पानी और सीवरेज जैसी कोई समस्या लोगों को पेश नहीं आएगी। -एनके पायल, एक्सईएन पंचकूला, एचएसवीपी