संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा सरकार द्वारा स्टिल्ट प्लस 4 मंजिला मकानों के सुझाव और आपत्तियों के लिए बनाई कमेटी को अंतिम दिन फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट्स एसोसिएशन (फोरा) के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां बताईं। नगर योजनाकार विभाग को शहर के विभिन्न सेक्टरों के नागरिकों ने हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा। इसमें स्टिल्ट प्लस 4 पाॅलिसी को जनविरोधी बताकर इसे तुरंत वापस लेने की मांग की गई। फोरा के महासचिव भारत हितैषी और प्रहलाद जेटली ने बताया कि 13 अप्रैल तक अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने का समय दिया था। फोरा पदाधिकारियों ने कमेटी को बताया कि स्टिल्ट प्लस 4 के मकानों के निर्माण से बिजली, पानी व सीवरेज एवं पार्किंग की सुविधाओं पर बढ़ रहे लोड से पंचकूलावासियों के दैनिक जीवन पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के कारण इस नीति को पूर्णतया जनविरोधी बताया गया। विकसित सेक्टरों के लिए इस पॉलिसी को पूर्ण रूप से वापस लेने की मांग की गई। इन लोगों का कहना है कि 2017 से पहले वाली पॉलिसी ढाई मंजिला मकानों की पुरानी पॉलिसी लागू की जाए और उन विकासशील सेक्टरों में जहां पर स्टिल्ट प्लस 4 के मकानों के निर्माण की अनुमति दी जाती है उनमें नए फ्लैटों को तीन साल तक बेचने की अनुमति न दी जाए ताकि लोग केवल अपनी ही रिहाइश के लिए ऐसे मकानों का निर्माण करें। भारत हितैषी ने मांग की कि स्टिल्ट प्लस 4 के जिन मकानों के निर्माण के कारण आसपास के मकानों को भारी नुकसान हुआ है उनको पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए।