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संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी पहुंचाने के लिए संस्कृत का प्रचार-प्रसार जरूरी : कंवर पाल

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पंचकूला। श्रीमाता मनसा देवी राजकीय संस्कृत महाविद्यालय की तरफ से दो दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर उपस्थित रहे। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने महाविद्यालय की सालाना मैगजीन-2023 और कथातंत्रम पुस्तक का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत हजारों साल पुरानी प्राचीन भाषा है।
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अपनी ऐतिहासिक संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी पहुंचाने के लिए संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार जरूरी है। वर्तमान में संस्कृत भाषा भारतवर्ष तक ही सीमित नहीं है बल्कि देश विदेशों में भी संस्कृत भाषा पढ़ाई जाती है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल की भांति आज विदेशी लोग भारत के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आकर इस भाषा का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्कृत भाषा भारत की ही नहीं दुनिया की मुख्य भाषा बनकर उभरेगी।
उन्होंने कहा कि संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है और हरियाणा सरकार द्वारा इसका व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों से ही कैथल में संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में संस्कृत कॉलेजों में भी विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा पढ़ाई जा रही है। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय के संस्कृत प्रोफेसर डॉ. राजबीर द्वारा लिखित पुस्तक कथातंत्रम का विमोचन किया गया।
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कॉलेज की प्राचार्या रीटा गुप्ता ने संस्कृत कॉलेज की उपलब्धियों की जानकारी शिक्षा मंत्री के समक्ष विस्तार से दी। इसके उपरांत उन्होंने श्रीमाता मनसा देवी मंदिर परिसर में माता मनसा देवी के दर्शन कर महामायी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर चंडीगढ़ से आए प्रोफेसर डॉ. लखबीर सिंह व अंबाला संस्कृत कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य नरेश बत्रा ने अपने व्याख्यान से विभिन्न कॉलेजों से आए विद्यार्थियों व अध्यापकों को संस्कृत भाषा के बारे में जानकारी दी।
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