चंडीगढ़। हरियाणा सरकार और निजी स्कूलों के बीच गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के मामले में टकराव बढ़ता ही जा रहा है। निजी स्कूलों ने सरकार के बार-बार आदेशों के बावजूद 30348 बच्चों को दाखिला नहीं दिया है। 16 दिसंबर 2021 को स्कूल शिक्षा विभाग ने 41680 बच्चों को दाखिला देने के आदेश पहली बार जारी किए थे।
शिक्षा निदेशालय ने गरीब बच्चों को जिलावार निजी स्कूल भी आवंटित किए, लेकिन दो बार दाखिला तारीख बढ़ाने के बावजूद 11332 बच्चों को ही दाखिला मिला है। निजी स्कूल दाखिला न देने पर अड़े हैं। स्कूल संचालक सरकार ने पूर्व में मुफ्त पढ़ाए गरीब बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति के 500 करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं। जिससे विवाद सुलझ नहीं रहा। 7 जनवरी 2022 दाखिलों की अंतिम तारीख है, इसे देखते हुए निदेशक मौलिक शिक्षा अंशज सिंह ने सभी एडीसी, जिला शिक्षा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक बुलाई है। इसमें दाखिलों को लेकर समीक्षा की जाएगी।
फीस प्रतिपूर्ति के लिए पोर्टल पर करें दावा
निदेशक मौलिक शिक्षा ने निजी स्कूलों को सूचित किया है कि वे गरीब बच्चों को पढ़ाने की फीस प्रतिपूर्ति के लिए विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दावा करें। 24 सिंतबर से 20 अक्तूबर 2021 तक भी दावे मांगे गए थे। 1404 मान्यता प्राप्त स्कूलों के ही दावे मिले। जिन्हें 13.60 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। जो स्कूल दावा नहीं कर पाए, उन्हें 6 जनवरी से एक बार फिर मौका दिया जा रहा है। वे इसे न गंवाएं।