चंडीगढ़। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की जेल में अमानवीय तरीके से पिटाई के मामले में एडीजीपी जेल के हलफनामे को प्रथम दृष्टया झूठा मानते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर उन्हें और डीआईजी जेल अमृतसर को अदालत में हाजिर रहने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए हरिंदर पाल सिंह ने बताया कि उसे जेल में अधिकारियों ने अमानवीय तरीके से 31 अक्तूबर 2023 को पीटा था। उसने होशियारपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को इसकी शिकायत भी दी थी। याची को जेल में एकांतवास में रखा जाता है और उसे भोजन व पानी की मूलभूत आवश्यकताओं से भी वंचित रखा जाता है। ऐसे में हाईकोर्ट से अपील की गई थी कि इस मामले में जांच की जाए। हाईकोर्ट ने एडीजीपी से हलफनामा मांगा तो उन्होंने कहा कि सीसीटीवी में जेल स्टाफ के अतिरिक्त और कोई दिखाई नहीं दे रहा। इस पर याची के वकील ने हाईकोर्ट को सीसीटीवी फुटेज दिखाई जिसमें जेल कर्मचारी किसी कैदी की पिटाई कर रहे हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि एडीजीपी का हलफनामा झूठा है। ऐसे में वे अगली सुनवाई पर खुद कोर्ट में हाजिर होकर जवाब दें। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने डीआईजी जेल अमृतसर को भी अगली सुनवाई पर अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।