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हरियाणाः गर्भवती पत्नी दर्द से कराह रही है, अस्पताल पहुंचना है...और 30 मिनट में पहुंच गई मदद

Sat, 25 Apr 2020 02:42 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हेलो... मैं आशीष गुरुग्राम से बोल रहा हूं... पत्नी गर्भवती है और प्रसव पीड़ा से कराह रही है... लॉक डाउन की वजह से अपने डॉक्टर से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है...कृपया मेरी और मेरी पत्नी की मदद की जाए। यह कॉल हरियाणा स्वास्थ्य महकमे के कोविड-19 कंट्रोल रूम में जैसे ही पहुंची। उसके 30 मिनट बाद आशीष तक सरकारी मदद पहुंच गई। आशीष की पत्नी अस्पताल में है और उसका वाला इलाज चल रहा है।
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ऐसे ही कई मामले हैं, जिनमें इन कोविड-19 कंट्रोल रूम के जरिए संकट में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है। लोगों तक दवाइयों से लेकर राशन तक कर्मचारी पहुंचा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में, हरियाणा सरकार का कोविड-19 कंट्रोल रूम राज्य के लोगों के लिए बहुत मददगार साबित हो रहा है, क्योंकि वे हेल्पलाइन पर कॉल के माध्यम से अपनी समस्याओं को हल करने में सक्षम हैं। अब तक कंट्रोल रूम में कुल 1,07,995 कॉल रिसिव हो चुके हैं।

हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि टूल रूम में मदद के साथ- साथ ‘कोविड-19 कंट्रोल रूम’ पर कॉल करके कोरोना के लक्षणों, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के बारे में विशेषज्ञ डॉक्टरों से निशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकता हैं। इस हेल्पलाइन पर लगभग 979 डॉक्टर परामर्श के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह जिला करनाल, तहसील नीलोखेड़ी से एक कैंसर रोगी रवींद्र नामक एक कॉलर, जो पीजीआई चंडीगढ़ से इलाज करवा रहे हैं, ने भी चिकित्सा सहायता की मांग की।
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उन्हें एक जीवन रक्षक दवा का नाम की सलाह दी गई, जिसकी कीमत 30,000 रुपये है। जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत उन्हें यह दवा निशुल्क प्राप्त करवाई गई।पीजीआई, चंडीगढ़ में अपने दौरे के दौरान रविंद्र को सूचित किया गया था कि दवा स्टॉक से बाहर है और उन्हें या तो इसे एक रिटेल स्टोर से खरीदना होगा या लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार करना होगा। यह मरीज दवा खरीदने में असमर्थ था और उसने मदद के लिए ‘‘कोविड-19 कंट्रोल रूम’’ में फोन किया था। जिसके बाद उसे दवा दिलवाई गई।
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