चंडीगढ़। हरियाणा में परिवार पहचान पत्र कानून 17 सितंबर 2021 से लागू हो गया है। विधानसभा के मानसून सत्र में इससे जुड़ा विधेयक पारित किया गया था। इसी माह 4 सितंबर को राज्यपाल ने विधेयक को स्वीकृति दी थी। 6 सितंबर को इसे हरियाणा के सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया। 2 अक्तूबर 2021 को गांधी जयंती पर परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण भी अस्तित्व में आ जाएगा। इसका मुख्यालय पंचकूला में होगा। बीते 17 सितंबर को सिटीजन रिसोर्सेज इनफार्मेशन (नागरिक संसाधन सूचना ) के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने कानून की गजट अधिसूचना जारी की है। प्राधिकरण के चेयरपर्सन स्वयं मुख्यमंत्री होंगे, एक डिप्टी चेयरपर्सन होगा। प्रदेश के मुख्य सचिव, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग, वित्त विभाग और नागरिक संसाधन सूचना के प्रशासनिक सचिव इसके पदेन सदस्य होंगे। प्रधान सचिव रैंक के अधिकतम दो अधिकारियों को इसका सदस्य मनोनीत किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित अधिकतम पांच विशेषज्ञों को समय-समय पर सरकार मनोनीत कर सकेगी। सदस्य सचिव के तौर पर एक सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी ) भी होगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार ने नागरिक सूचना संसाधन के विभाग न होने पर कानूनी सवाल उठाया है।