चंडीगढ़। आपदा के समय में वित्तीय लाभ के लिए लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने का आरोपी किसी भी प्रकार के रहम का हकदार नहीं है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए घटिया व मानकों पर खरा न उतरने वाले सैनिटाइजर की बिक्री व निर्माण के आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका दाखिल करते हुए मोहाली की सुनीता धवन व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना के समय में ड्रग कंट्रोलर ने सैंपलों की जांच के लिए टीम का गठन किया था और इस दौरान खरड़ व जीरकपुर से सैनिटाइजरों के सैंपल लिए गए थे। इस दौरान गुप्ता मेडिकल हॉल मोहाली से एडविन लैब के सैनिटाइजर के सैंपल भी लिए गए जो मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके बाद कंपनी के पार्टनरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
याची ने कहा कि सैंपल एकत्रित होने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है क्योंकि उनके परिसर से कोई सैंपल नहीं लिए गए थे। अग्रिम जमानत की मांग को लेकर याची ने मोहाली की अदालत में याचिका दाखिल की थी लेकिन इसी वर्ष फरवरी में याचिका खारिज कर दी गई। ऐसे में अब हाईकोर्ट मेंं याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब याची की कंपनी इस सामग्री की बिक्री कर रही थी तो उसे मानकों को लेकर स्पष्ट होना चाहिए था। ऐसे में गिरफ्तारी से किसी भी प्रकार की राहत देने इन्कार करते हुए हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।