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Panchkula News: पिंजौर प्रजनन केंद्र ने रिसर्च के लिए महाराष्ट्र फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को सौंपे 20 गिद्ध

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मार्च के आखिरी सप्ताह में प्रजनन केंद्र पिंजौर से 20 व्यस्क गिद्धों को खुले आसमान में छोड़ा जाएगा
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संवाद न्यूज एजेंसी

पंचकूला। रिसर्च और अन्य जानकारी जुटाने के लिए सेंट्रल जू दिल्ली के आदेश पर पिंजौर गिद्ध प्रजनन केंद्र ने शुक्रवार को 20 व्यस्क गिद्धों को महाराष्ट्र फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को सौंपा है। चार विशेष वाहनों में महाराष्ट्र फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी और रिसर्च टीम इन गिद्धों लेकर गई है। डीएफओ वाइल्ड लाइफ विशाल कौशिक ने बताया कि इनमें दस लंबी चोंच और दस सफेद पीठ वाले गिद्ध शामिल हैं।
इनके जाने के बाद प्रजनन केंद्र में अब गिद्धों की संख्या 385 रह गई है। इसके अलावा मार्च के आखिरी सप्ताह में 25 गिद्धों को पिंजौर प्रजनन केंद्र से छोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद केंद्र में गिद्धों की संख्या 360 रह जाएगी। इससे पूर्व प्रजनन केंद्र से 2020 में खुले आसमान में गिद्ध छोड़े गए थे। इन गिद्धों की मॉनिटरिंग आज भी उनके पैरों में बांधे जीपीएस से सैटेलाइट से की जा रही है।
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टेलीकॉम विभाग की अनुमति है इंतजार
डीएफओ वाइल्ड लाइफ विशाल कौशिक ने बताया कि गिद्धों को छोड़ने से पहले उनके पैरों में जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम ऑफ मोबाइल कम्युनिकेशन) बांधा जाएगा। इससे गिद्धों की लोकेशन की जानकारी मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए टेलीकॉम विभाग की अनुमति की आवश्यकता है। उसके बाद गिद्धों को छोड़ा जाएगा।
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2020 में प्रजनन केंद्र से छोड़े सभी गिद्ध स्वस्थ हैं। गिद्धों को स्वच्छता का दूत कहा जाता है, लेकिन साल 1990 के बाद से भारत में इनकी प्रजाति लुप्त होती गई थी। पक्षियों की इस प्रजाति को बचाने के लिए ही सरंक्षण एवं प्रजनन केंद्र खोला गया था। साल 2004 में पिंजौर में प्रजनन केंद्र स्थापित किया गया था। सबसे पहले केंद्र में दो अंडे लाकर इंक्यूवेटर में रखकर उनसे बच्चे निकाले गए। 20 सालों में गिद्धों की संख्या बढ़कर 405 पहुंच गई है। पिंजौर से सफेद दुम वाले गिद्ध छोड़े जाएंगे। संवाद
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