पेंशन बहाली संघर्ष समिति करेगी सीएम हाउस का घेराव
सेक्टर-5 धरनास्थल पर हरियाणा के सभी जिलों से उपस्थित होंगे कर्मचारी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा में ओल्ड पेंशन बहाली की मांग को लेकर पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने आंदोलन को तेज धार दे दी है। पेंशन बहाली संघर्ष समिति अब सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई के मूड में है। समिति ने 19 फरवरी को पंचकूला से कूच करके मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। समिति के प्रदेश महासचिव ऋषि नैन ने सेक्टर-5 स्थित एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हरियाणा सरकार लंबे समय से ओल्ड पेंशन बहाली के नाम पर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष में बैठे सभी विधायक और सांसद पेंशन की सुविधा ले रहे हैं, लेकिन जीवन के 35 साल नौकरी करने वाले कर्मचारी पेंशन के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। नैन ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल के उस बयान को बेबुनियाद बताया जिसमें उन्होंने पुरानी पेंशन लागू करने पर राज्यों के दिवालिया होने की बात कही थी। नैन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आज तक नेशनल पेंशन स्कीम लागू ही नहीं हुई है। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन का लाभ दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी वर्ग को नेशनल पेंशन स्कीम से सिर्फ हानि ही हानि हो रही है तो सरकार जबरदस्ती क्यों कर्मचारियों पर यह स्कीम लागू रखकर उनको मानसिक दबाव में डाले हुए है। वर्ष 2014 में हुए चुनाव के दौरान गठबंधन की सहयोगी जजपा ने इस मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में भी शामिल किया था। उन्होंने बताया कि नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के सहयोग से हरियाणा में संघर्ष समिति द्वारा लगातार आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दो लाख से अधिक कर्मचारी सरकार के इस एक तरफा फैसले के कारण पिस रहे हैं। पीबीएसएस द्वारा 19 फरवरी को पंचकूला में विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से हजारों की संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि पंचकूला में प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति के सदस्यों द्वारा चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच किया जाएगा। महासचिव ऋषि नैन ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए वह लगातार प्रदेश के जिलों का दौरा कर रहे हैं। प्रदेश भर के कर्मचारी आज 18 फरवरी शाम को ही पंचकूला पहुंचना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन में प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, शहरी विकास, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण समेत कई विभागों के कर्मचारी भाग लेंगे।