पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवा खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। डॉक्टर दवा पर्ची में नहीं लिखकर छोटी पर्ची में लिखकर देते हैं। इसके बाद लोगों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। अमर उजाला ने सोमवार को सेक्टर-6 सिविल अस्पताल का रियलिटी चेक किया तो यह बात सामने आई। इसके अलावा इंजेक्शन रूम में खड़े मरीजों को रेबीज के इंजेक्शन भी नहीं मिले। इस कारण लोगों को बाहर से इंजेक्शन लाकर लगवाना पड़ रहा है। अभयपुर से आए कमल किशोर ने बताया कि वह उन्हें कुत्ते ने काट लिया है। वह रूम नंबर -104 में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने गए। उन्हें यह इंजेक्शन नहीं मिला। बाहर से दवा लाकर उन्हें लगवानी पड़ी।
केस नंबर-1
रायपुरखुर्द के रहने वाले सोनू सिंह ने बताया कि वह पंचकूला जा रहे थे। तभी उनका रास्ते में एक्सीडेंट हो गया। उनके पैर में गंभीर चोट आई। चोट लगने के बाद जब वह इलाज के लिए अस्पताल आए तो उनके पैर में प्लास्टर के लिए पट्टी डॉक्टरों ने बाहर से मंगवाई। वहीं एंटीबायोटिक दवा उन्हें बाहर से खरीदने के लिए छोटी पर्ची लिखकर दी गई। यह दवा बाजार से 1000 रुपये में खरीदनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में दवा नहीं मिल रही है। इस कारण परेशानी हो रही है।
केस नंबर- 2
इलाज कराने आए सौरभ दीवान ने बताया कि उनके पैर में चोट लग गई थी। वह इलाज के लिए अस्पताल आए। अस्पताल आने के बाद डॉक्टरों ने बाहर से दवा मंगवाई। इस दौरान उन्हें 900 रुपये की दवा बाहर से लानी पड़ी। स्किन की समस्या होने की दवा भी उन्हें बाहर से लानी पड़ी। सरकारी अस्पताल के दवाखाना में दवा उपलब्ध नहीं मिली। इस कारण उन्हें चोट लगने और स्किन की समस्या होने के बाद अधिक पैसे खर्च करने पड़े।
केस नंबर-3
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में इलाज कराने आई शारदा देवी ने बताया कि उन्हें एलर्जी की दवा दी गई। अन्य दवा उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ी। इस कारण उनको भी परेशानी हुई है।
कोट
सिविल अस्पताल में जो भी डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं इसकी जांच करवाई जाएगी। अस्पताल में सभी दवाओं के स्टाक को पूरा किया जाएगा। रेबीज सहित अन्य बीमारियों के इंजेक्शन को जल्द ही स्टाक किया जाएगा। -राजीव कपूर, पीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6