संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हरियाणा-चंडीगढ़ सीमा पर हाउसिंग बोर्ड के पास धरना देकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण पंचकूला-चंडीगढ़ चार घंटे जाम रहा। सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे कर्मचारियों की पुलिस के धक्का-मुक्की भी हुई। दोपहर एक से पांच बजे तक वाहन चालकों को जगह-जगह जाम लगने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के कारण पंचकूला की अन्य सड़कों पर वाहनों के दबाव के कारण जाम की स्थिति रही। इस दौरान पैक्स कर्मचारियों के शिष्ट मंडल की सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से मुलाकात हुई। आश्वासन देने के बाद प्रदर्शनकारी धरने से उठे। पंचकूला से चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को सिंघ द्वार या सेक्टर-18 से चंडीगढ़ की तरफ जाना पड़ा।
पैक्स कर्मचारी वीरवार सुबह 10 बजे सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल एकत्रित हुए। इसके बाद करीब साढ़े 12 बजे धरनास्थल से प्रर्दशन करते सेक्टर-6, 5, 8 व 7 के चौक पर पहुंचे। तब चौक पर जाम की स्थिति बन गई। इसके बाद कर्मचारी सेक्टर-8, 18, 17 व 7 के चौक पर पहुंचे। इसके बाद करीब एक बजे प्रदर्शनकारी सीएम हाऊस का घेराव करने के लिए करीब एक बजे पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पहुंचे। पंचकूला पुलिस ने पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। प्रदर्शनकारी सीएम हाऊस का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने लगे तो पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर बॉर्डर पर धरने पर बैठ गए। प्रर्दशन की अध्यक्षता राज्य प्रधान भगवंत शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि पैक्स कर्मचारियों की वेतनमान खामी के बारे में विभागीय कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने भी वेतनमान में खामी को माना व कमेटी के द्वारा अपनी रिपोर्ट 2018 में विभाग को सौंप दी गई थी। इस बारे में बार-बार विभाग व सरकार के साथ कई दौर की बैठक हुई लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। चार वर्ष के दौरान 70 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत होकर घर जा चुके हैं। बचे कर्मचारी हर माह 50-50 करके सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन चार वर्षों के दौरान मांगों को लेकर घोषणा हो चुकी हैं, लेकिन विभाग व सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी हैं।
ये हैं समिति की मुख्य मांगें
1. सहकारी बैंकों में पदोन्नति बिना शर्त जारी हो
2. सहकारी समितियों से किसानों की 3 लाख की अल्पकालीन कृषि ऋण की सीमा बनाई जाए और कृषि ऋण के पैसे का गलत प्रयोग करने पर हरियाणा राज्य सहकारी बैंक के खिलाफ करवाई की जाए।
3. पैक्स को अपने ऑफिस स्तर पर ऑनलाइन किए जाए।
4. अनुकंपा आधार पर सर्विस के आदेश 2019 से लागू किए जाए।
5. सहकारी समितियों में जिला सहकारी बैंकों की लूट का पैसा वापस किया जाए।
दाे माह में आठ बार प्रदर्शन, लोग रहे परेशान
- 8 दिसंबर 2022 को हरियाणा पुलिस अभ्यथियों का शांतिपूर्ण प्रर्दशन।
-22 दिसंबर को किसानों को प्रर्दशन, वे भी पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पहुंचे थे।
-26 दिसंबर को राज्यभर से सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पहुंचे थे।
-27 दिसंबर को सामाजिक चिकित्सक महासंघ अपनी मांगों को लेकर पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पहुंचे थे।
-16 जनवरी को कई जिलों से खिलाड़ी अपनी मांगों को लेकर पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पहुंचे थे।
-22 जनवरी को मंत्री संदीप सिंह को मंत्री मंडल से हटाने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर 15 से ज्यादा संगठनों ने बॉर्डर पर किया था प्रर्दशन।
-8 फरवरी को पीजीटी टीचर्स ने अपने मांगों को लेकर पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पहुंचे थे।