चंडीगढ़। पंजाब स्टेट मिड डे मील सोसाइटी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों को मिड डे मील के अधीन देने वाले दोपहर के खाने में मौसमी फल दिए जाने चाहिए। बता दें कि फरवरी में इस योजना को लागू किया गया था, बावजूद इसके नियमित रूप से विद्यार्थियों को फल नहीं दिए जा रहे थे। यही कारण है कि अब सोसाइटी ने दोबारा निर्देश जारी किए हैं कि पीएम पोषण योजना के अधीन के विद्यार्थियों को फल प्रदान करने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए, नहीं तो सोसाइटी की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। हर शनिवार विद्यार्थियों को मौसमी फल देने का एक दिन तय किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में उन मौसमी फलों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनकी प्रदेश में अधिकतर खेती होती है। प्रदेश में किन्नू व लीची की पैदावार होती है। यही कारण है कि प्री-नर्सरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को किन्नू व लीची देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यही कारण है कि लीची उत्पादकों से शिक्षा विभाग की तरफ से इस संबंध में बात भी की जाएगी, ताकि स्कूलों में ये फल प्रदान करने में किसी तरफ की परेशानी न हो। प्रदेश में लीची की गुरदासपुर और किन्नू की फाजिल्का, होशियारपुर, मुक्तसर, बठिंडा और कुछ अन्य जिलों में खेती की जाती है।