स्कूल खुलने के बाद गुणवत्ता में आएगा सुधार
यूटी के शिक्षा निदेशक रुबिंदरजीत सिंह बराड़ का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा एकतरफा है। इसमें टीचर व विद्यार्थियों के बीच संवाद नहीं हो पाता है। क्लासरूम में टीचर विद्यार्थियों के हाव-भाव देखकर समझ जाते थे कि उन्हें बातें समझ में आ रही है या नहीं। जिन विद्यार्थियों को समझ में नहीं आता था कि वे कई बार टीचरों से पूछते थे। इसके अलावा सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्मार्टफोन की उपलब्धता भी समस्याएं हैं। जब तक विद्यार्थी स्कूल नहीं आएंगे, तब तक उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हो सकता। एक फरवरी से छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने विद्यार्थियों को स्कूल भेजे। तभी उनके प्रदर्शन पर सुधार हो पाएगा।
सिर्फ अंक ही नहीं विद्यार्थियों का समग्र विकास भी प्रभावित
किसी विद्यार्थी के विकास में पाठ्यक्रम 30 फीसदी मायने रखता है। विद्यार्थी जब क्लास रूम में आते हैं तो वे टीचरों व सहपाठियों के हाव-भाव से, बोलने के तौर-तरीकों और आसपास के स्कूली वातावरण से बहुत कुछ सीखते हैं। सहपाठी विद्यार्थियों की अलग संस्कृति, धर्म, परिवार, उनकी रुचियों जैसे आर्ट एंड क्राफ्ट, पेंटिंग, खेल इत्यादि के अवलोकन से भी बच्चे की रचनात्मकता बढ़ती है और यह सब उसके समग्र विकास में सहायक होता है। ऑनलाइन में सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करवाने की होड़ लगी है, बच्चों को शिक्षित करने में नहीं। इतना समय घर रहने के बाद विद्यार्थियों के मन में भी यह चल रहा है कि अब ऑनलाइन ही पेपर देने है तो पढ़ने की जरूरत नहीं है, नकल से काम चल जाएगा। -प्रो जगदीश मेहता, विभागाध्यक्ष समाज शास्त्र, डीएवी कॉलेज - 10
छोटे तो सुधार कर लेंगे, बड़ी कक्षाओं के लिए थोड़ा मुश्किल
भारत में गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा मुहैया करवाना बहुत मुश्किल है। हमारे पास टेक्नोलॉजी नहीं है न ही हमारे शिक्षक टेक्नोलॉजी के साथ पढ़ाने में निपुण है। ऑनलाइन से स्कूली पढ़ाई की गुणवत्ता में गिरावट आई है। छोटे क्लास के विद्यार्थी को कुछ समय बाद पढ़ने की आदत फिर से विकसित हो जाएगी, लेकिन 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को ज्यादा मेहनत करनी होगी। मेरा मानना है कि कॉलेज में दाखिले के दौरान इस बार थोड़ी नरमी भी बरतनी होगी, ताकि कमजोर विद्यार्थियों को दाखिला मिल सके, नहीं तो उनका कैरियर प्रभावित हो जाएगा। -प्रो धीरज सांघी, निदेशक, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज