चंडीगढ़। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि सत्ता में आने पर कांग्रेस हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन की न्यूनतम आय सीमा 1.80 लाख रुपये को खत्म करेगी। विकास को पटरी से उतारने, महामारी के दौरान शराब व रजिस्ट्री जैसे घोटालों को अंजाम देने वाली गठबंधन सरकार पर प्रदेश की जनता भरोसा नहीं कर सकती। पंचायतों में ई-टेंडरिंग भ्रष्टाचार का केंद्रीयकरण करने की नीति है। सरपंचों की शक्तियां छीनना लोकतंत्र विरोधी है।
दीपेंद्र रविवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को सफल बनाने के लिए हरियाणा की जनता का आभार व्यक्त किया। सांसद ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व पर यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी थी, जिसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाया गया। हरियाणा में यात्रा की एंट्री से लेकर अंबाला तक हर जगह लाखों की तादाद में लोगों की भागीदारी रही।
दीपेंद्र ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह डगमगा चुकी है और कर्ज कई गुना बढ़ गया है। सरकार कल्याणकारी योजनाओं को खत्म करने की नई-नई तरकीब निकाल रही है। परिवार पहचान पत्र इसी साजिश का एक हिस्सा है। पीपीपी में गरीब परिवारों की अनाप-शनाप आय दिखाकर उनके राशन कार्ड काटे जा रहे हैं। 1.80 लाख रुपये की सालाना आय तय कर करीब 5 लाख बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई। जजपा तो बुजुर्गों को 5100 रुपये पेंशन देने का वादा कर सत्ता में आई थी। वह बुजुर्गों की पेंशन बंद करने पर अब मौन है।
अभय चौटाला की पदयात्रा पर दीपेंद्र ने कहा कि वह उपराष्ट्रपति, राज्यसभा चुनाव में भाजपा से पूछकर वोट करते हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वह यह यात्रा भी क्या बीजेपी से पूछकर निकाल रहे हैं।