चंडीगढ़। पंजाब सरकार के परिवहन विभाग ने पिछले साल जनवरी माह में वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी जारी की थी। इसके तहत पुराने वाहन स्क्रैप करवाकर नया खरीदने पर लोगों को मोटर व्हीकल टैक्स में छूट दी जाती है। ट्रांसपोर्ट वाहनों पर 15 व नॉन-ट्रांसपोर्ट वाहन मालिकों को 25 फीसदी तक छूट दी जाती है, लेकिन अब विभाग ने इस छूट पर सीमा तय कर दी है। गाड़ी स्क्रैप करवाने के बाद अब नया वाहन नई कार खरीदने पर 75 हजार और दोपहिया वाहन खरीदने पर सिर्फ 5 हजार रुपये तक की टैक्स में छूट मिलेगी। टैक्स में छूट की सीमा तय न करने के चलते विभाग को नुकसान हो रहा था। लोग छोटे वाहन स्क्रैप करवाकर लग्जरी गाड़ियां खरीद लेते थे, जिस कारण नॉन ट्रांसपोर्ट वाहनों पर 25 प्रतिशत छूट नई गाड़ी की कीमत के हिसाब से बहुत अधिक बन जाती थी। लोग दो से ढाई लाख तक भी छूट प्राप्त कर रहे थे, जिससे विभाग को राजस्व से घाटा हो रहा था। यहां तक कि दोपहिया वाहन स्क्रैप करवाकर भी लोग गाड़ी पर छूट ले रहे थे। इस प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए ही विभाग ने अब मोटर व्हीकल टैक्स पर छूट की अधिकतम सीमा तय कर दी है। साथ ही विभाग ने ये भी तय कर दिया है कि अब मोटरसाइकिल को स्क्रैप करवाया जाता है तो टैक्स में छूट भी मोटरसाइकिल खरीदने पर ही मिलेगी। इसी तरह कार, मैक्सी कैब व गुड्स वाहन स्क्रैप करवाने पर भी अब उसी कैटेगरी में वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट मिलेगी।
प्रदेश में मोरिंडा और लुधियाना में दो स्क्रैपिंग सेंटर हैं। पंजाब में अब तक 1.39 करोड़ के करीब वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते विभाग राजपुरा, मानसा और डेराबस्सी में भी स्क्रैपिंग सेंटर खोल रहा है।
नीति के तहत गाड़ी को स्क्रैप करवाने पर स्क्रैपर की तरफ से वाहन के मालिक को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (वाहन जमा करवाने का सर्टिफिकेट) जारी किया जाता है। इस सर्टिफिकेट को लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास जमा करवाने पर नई गाड़ी की रजिस्ट्रेशन के समय से टैक्स से छूट दी जाती है।