चंडीगढ़। राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे सेवा केंद्रों में अब लोगों को बिना किसी देरी से सारी सुविधाएं मिलेंगी। इस मामले को लेकर सरकार भी गंभीर हो गई। प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत निवारण मंत्री अमन अरोड़ा ने समूह डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत की कि वे सेवा केंद्रों द्वारा मुहैया करवाई जा रहीं सेवाएं में हो रही देरी की निरंतर निगरानी करें और लोगों को निश्चित समय के अंदर सेवाएं प्रदान करवाना यकीनी बनाएं। जो अफसर या अधिकारी जानबूझकर लोगों को परेशान कर रहे हैं, उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।सेक्टर-26 स्थित मैगसीपा में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए अमन अरोड़ा ने डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत दी है कि सेवाएं मुहैया करवाने में देरी करने के आदी, अनावश्यक दस्तावेजों की मांग करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की पहचान की जाए। सभी ऑफलाइन सेवाओं को कम से कम समय में ऑनलाइन करने के लिए कहा गया है। सेवा केंद्रों में लोगों के लिए पीने वाले साफ पानी, एयर कंडीशनर, पंखे, कुर्सियों आदि समेत अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। अगर कहीं पर कोई जरूरत है तो उसकी सूची बनाकर विभाग को भेजे जिससे इसके लिए फंड मुहैया करवाए जा सकें।
सेवा केंद्रों के बारे में प्रजेंटेशन देते हुए प्रशासकीय सुधार विभाग के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और डायरेक्टर गिरिश दियालन ने सेवा केंद्रों के स्टाफ को हिदायत की कि सभी जरूरी दस्तावेज मुकम्मल होने और चेकलिस्ट सही ढंग के साथ भरने के उपरांत ही फाइल मंजूर की जाए।
तीन जिलों का काम सबसे अच्छा
सीमावर्ती जिला गुरदासपुर, जालंधर और मानसा के सेवा केंद्र बहुत अच्छे तरीके से काम कर रहे है। मंत्री ने इन जिलों के डिप्टी कमिश्नरों की सराहना करते हुए अन्य बीस जिलों को भी इनकी तरह जन सेवाओं संबंधी लंबित पड़े मामलों को घटाने और कंट्रोल करने के लिए उचित प्रयास करने को कहा। उन्होंने सेवा केंद्रों में सेवाओं में देरी को बिल्कुल खत्म करने के लिए जरूरी यत्न करने के सुझाव भी दिए।