पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीरवार को कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोनों और कंटेनमेंट जोनों में रैपिड एंटीजन टेस्ट विधि का प्रयोग करते हुए 100 फीसदी टेस्टिंग करने पर जोर दिया। राज्य में कोविड की स्थिति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों, जिला पुलिस प्रमुखों और सिविल सर्जनों को हर कोविड मरीज के संपर्क में आने वाले कम-से-कम 10 व्यक्तियों का पता लगाने को कहा है।
उन्हें ज्यादा मेलजोल वाले कामकाज वाले व्यक्तियों जैसे दुकानदार, मंडियों में काम करने वाले कामगार और अग्रणी कतार वाले मुलाजिमों के इसी हफ्ते के अंदर टेस्ट करने के भी निर्देश दिए और इस हफ्ते को टेस्टिंग हफ्ते का नाम दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि सभी दफ्तरों, व्यापारिक संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों और मैरिज पैलेसों आदि, जहां 10 से ज्य़ादा व्यक्ति इकठ्ठा होते हैं, में स्वास्थ्य और सुरक्षा उपायों की बारीकी से पालना यकीनी बनाने के लिए ‘कोविड मॉनीटरों’ की नियुक्ति की जाए। यह मॉनिटर काम वाले स्थानों को साफ और कीटाणू रहित रखे जाने के लिए जिम्मेदार होंगे।
ठीक हो चुके रोगियों से प्लाज्मा देने की अपील
कैप्टन ने कोविड से ठीक हो चुके मरीजों से आह्वान किया कि वह सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट में स्थापित प्लाज़्मा बैंकों में प्लाज़्मा देने के लिए आगे आएं, ताकि कोरोना से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए इसका प्रयोग किया जा सके। लोगों में कोरोना वायरस से जुड़ी नकारात्मक धारणाओं पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए कैप्टन ने मुख्य सचिव को लोक संपर्क विभाग के जरिये लोगों को कोरोना टेस्टिंग की महत्व संबंधी जागरूक करने की मुहिम शुरू करने के निर्देश देने को कहा।
जागरूकता अभियान में खुद भी शामिल होंगे कैप्टन
ख़ुद की मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको नकारात्मक धारणाओं का कोई डर नहीं और टेस्ट करवाए जाने संबंधी वह ख़ुशी से अपनी वीडियो विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्मों पर साझा करेंगे, ताकि लोगों में टेस्टिंग करवाने संबंधी आत्मविश्वास भरा जा सके, क्योंकि टेस्टिंग खासकर मौजूदा समय में बढ़ रहे मामलों में यह बहुत जरूरी हो गया है।
कोरोना प्रभावित 4 जिलों के लिए नए निर्देश जारी
कोरोना से बुरी तरह प्रभावित 4 जिले लुधियाना, जालंधर, पटियाला और अमृतसर के डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों, एसएसपी और सिविल सर्जनों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों को जिलों को सेक्टरों में बांटने को कहा, जिससे कोविड की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा सके। उन्होंने 100 प्रतिशत टेस्टिंग, निगरानी और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को भी यकीनी बनाने को कहा। प्रत्येक सेक्टर की निगरानी गजटेड रैंक के सिविल और पुलिस अधिकारियों की एक साझा टीम करेगी, जो उपरोक्त कामों को निर्धारित समय में पूरा कराएगी।