चंडीगढ़। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आदेश पर लुधियाना जिले के खन्ना शहर के मोहनपुर में स्थित एक निजी स्कूल को वार्षिक समारोह में दादा-दादी की एंट्री बैन करने पर नोटिस जारी किया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया था कि 20 नवंबर 2022 को करवाए गए वार्षिक समारोह में ग्रीन ग्रोव पब्लिक स्कूल ने केवल माता-पिता को ही बुलाया था। वार्षिक समारोह के कार्ड के साथ विद्याथियों के माता-पिता के लिए संलग्न स्लिप के जरिये समारोह में दादा-दादी की एंट्री की मनाही की गई थी।
यह हमारे सत्कार योग्य बुजुर्गों के प्रति अनादर की भावना को दिखाता है। बैंस ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि इसको लेकर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की हरकत कोई अन्य निजी स्कूल न कर सके। विभाग ने इस मामले में संबंधित स्कूल को दो दिन के अंदर जिला शिक्षा अधिकारी लुधियाना के द्वारा स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
हेल्पस इंडिया ने किया था सर्वे
गौर हो कि कुछ साल पहले समाजसेवी संस्था हेल्पस इंडिया ने सर्वेक्षण किया था, जिसमें सामने आया था कि किताबों में परिवार की परिभाषा ही बदल गई है। संस्थान ने सवाल उठाया था कि किताबों में केवल माता-पिता और बच्चों का ही जिक्र किया जाता है। बुजुर्गोें का स्थान पाठ्यक्रम से गायब हो रहा है। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत सभी स्कूलों के छोटे बच्चों को ओल्ड एज होम की विजिट करवाई जाती थी। इसके पीछे कोशिश थी कि बच्चे बुजुर्गों की अहमियत को समझें, जिसके बेहतर परिणाम भी सामने आए। अब लुधियाना में हुए ताजा मामले ने सामाजिक सोच पर सवाल उठाए हैं।