मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 20 नवंबर को बुलाई गई पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक में 16वीं विधानसभा के आगामी सत्र की तारीखों का एलान किया जा सकता है।
पंजाब सिविल सचिवालय में सोमवार सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में राज्य सरकार मुलाजिमों को दिवाली पर कुछ नहीं दिए जाने की नाराजगी भी दूर कर सकती है और बकाया डीए की राशि में से कुछ न कुछ मुलाजिमों को मिल सकता है। सरकारी मुलाजिम बकाया डीए को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे हैं और सोमवार दोपहर को ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में कैबिनेट सब-कमेटी ने चार कर्मचारी संगठनों को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया है।
पंजाब विधानसभा के नए सत्र को लेकर भी माना जा रहा है कि सरकार दिसंबर के पहले पखवाड़े में नया सत्र बुलाने का एलान कर सकती है और यह सत्र कम से कम चार कामकाजी दिनों का अवश्य होगा। इसका एक कारण यह भी है कि जनवरी में राज्य में निगम और नगर परिषद चुनाव कराने की भी तैयारी चल रही है।
सुप्रीम फैसले के बाद राज्यपाल ने दी मंजूरी
राज्यपाल की ओर से साढ़े आठ माह चले बजट सत्र का अवसान किए जाने के बाद सरकार के लिए अब मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र बुलाने का दबाव बढ़ गया है। इसका एक कारण यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्यपाल की ओर से भी तीन वित्त विधेयकों को सदन में पेश करने की मंजूरी दे दी गई है।
ये तीनों बिल- पंजाब राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2023, पंजाब माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2023 और इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) विधेयक 2023 को जल्द से जल्द मंजूरी देना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसके बाद केंद्र द्वारा रोके गए कुछ फंड भी रिलीज हो जाएंगे।