हरियाणा में नए बुहतकनीकी संस्थान नहीं खोले जाएंगे। पहले से संचालित संस्थानों में बड़े पैमाने पर सीटें खाली रह रही हैं। विद्यार्थियों का विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की कमेटी गठित करेगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह निर्णय विद्यार्थियों का विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए लिया है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। वर्तमान में संचालित बहुतकनीकी व इंजीनियरिंग कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में हर शैक्षणिक सत्र में निरंतर सीटें खाली रह रही हैं। यह चिंता का विषय है। ऐसा लगता है कि बारहवीं स्तर के विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुझान कम हो रहा है। अब आगे से नए तकनीकी या इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के बारे में विभाग विचार नहीं करेगा, क्योंकि पहले से संचालित प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में आवंटित सीटें खाली रहती हैं। महिला बहुतकनीकी संस्थानों व इंजीनियरिंग कॉलेजों में 37 प्रतिशत व पुुरुष संस्थानों में 62 प्रतिशत सीटें नहीं भर पा रही हैं। विज ने सदन में आश्वासन दिया कि इंजीनियरिंग कॉलेज और बहुतकनीकी संस्थानों के लिए सरकार विशेष बसों की व्यवस्था करने को तैयार है ताकि दूर से आने वाले विद्यार्थियों को कोई दिक्कत न हो। प्रश्नकाल में कोसली विधानसभा क्षेत्र के भाकली गांव में बहुतकनीकी संस्थान खोलने को लेकर भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव ने सरकार से सवाल पूछा था। इस पर विज ने कहा कि सरकार के पास नया बहुतकनीकी संस्थान खोलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।