चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टरों में रहने वाले बाशिंदों को बड़ी राहत देते हुए 31 दिसंबर तक एन्हांसमेंट भरने की शर्त हटा दी है। जिसके बाद अब बिना एन्हांसमेंट राशि भरे भी सेक्टरवासियों के सभी जरूरी काम पूरे होंगे। एचएसवीपी के इस फैसले के बाद अब सेक्टरवासी बिना एन्हांसमेंट राशि अदा किए गृह निर्माण कार्य, नक्शा, कम्पलीशन, मोरगेज, बिजली, सीवर-पानी कनेक्शन सहित सभी जरूरी कार्य पूर्ण करवा सकते हैं। इन सब कार्यों के लिए अलाटियों को बकाया एन्हांसमेंट राशि नहीं भरनी पड़ेगी। हालांकि सेल-परचेज पर एन्हांसमेंट भरने की शर्त पहले की तरह लागू रहेगी। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप वत्स ने बताया कि एचएसवीपी ने 30 सितंबर के बाद से सभी जरूरी कार्यों की स्वीकृति पर एन्हांसमेंट भरने की शर्त को लागू कर दिया था। जिसके कारण सेक्टरों में बड़ी संख्या में गृह निर्माण कार्य रुक गए थे। प्लाटधारक उक्त जरूरी कार्र्यों के लिए एचएसवीपी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। प्राधिकरण नियमों का उल्लंघन कर अलाटियों से लाखों रुपये की एन्हांसमेंट भरने की डिमांड कर रहा था। जबकि वर्तमान में सेक्टरों की रिकेलकुलेशन व राशि अपडेट होनी शेष है। नियमानुसार ऐसी स्थिति में एचएसवीपी किसी भी अलॉटी को पुरानी दरों पर आधारित गलत एन्हांसमेंट भरने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। वत्स ने बताया कि हजारों परिवारों को हो रही परेशानियों को देखते हुए मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया। जिसके बाद एचएसवीपी मुख्यालय ने अपने निर्णय में बदलाव करते हुए सभी प्रकार के जरूरी कार्यों पर लगी एन्हांसमेंट भरने की शर्त को 31 दिसंबर तक हटा लिया है। वत्स ने कहा कि एचएसवीपी मुख्यालय के इस निर्णय से उन सभी प्लाटधारकों को बड़ी राहत मिली है जिनके गृह-निर्माण संबंधित कार्य एन्हांसमेंट भरने की शर्त लागू होने के बाद से रुकेहुए थे। इसके अलावा सेक्टरों में दिवाली पर बड़ी संख्या में गृह- प्रवेश के कार्यक्रम बिना कम्पलीशन सार्टिफिकेट के कारण स्थगित होने की कगार पर थे। उनकी परेशानी भी दूर होगी। वत्स ने बताया कि एचएसवीपी द्वारा रिकेलकुलेशन प्रक्रिया के दौरान का ब्याज लागू कर जो फाइल के लिए अप्रूवल के लिए भेजी है, वो गलत है तथा उसमें नियमों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से ब्याज दरों को लेकर कोई भी निर्णय करने से पहले एसोसिएशन व एचएसवीपी अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाने व इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।