पंचकूला। प्राकृतिक बहाव को रोकर डीएलएफ में ईडब्ल्यूएस के 242 फ्लैटों का बचाने के लिए सुरक्षा दीवार खड़ी कर दी गई, जबकि सिंचाई विभाग ने पहले ही सात एकड़ में बनने वाले ईडब्ल्यूएस के मकानों के लिए एनओसी देने से साफ मना कर दिया था। इतना ही नहीं फ्लैटों के निर्माण के लिए निदेशक शहरी एवं ग्राम आयोजन विभाग और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी इसकी अनुमति नहीं ली गई है।
जिसका नतीजा जुलाई और अगस्त 2023 में भारी बारिश से पिंजौर की कौशल्या नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद कौशल्या डैम के फ्लड गेट खोलने पड़े। जिससे सूरजपुर रामपुर सीयूडी की लेबर कॉलोनी, चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे और अमरावती की ओर मुड़ गया। इस नुकसान की आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 240 फ्लैटों को बाढ़ से बचाने के लिए बनाई गई कंक्रीट की मजबूत सुरक्षा दीवार है। आने वाले समय में डीएलएफ और अमरावती के लिए यह दीवार वाटर बम का काम करेगी। जिसके लिए आईआईटी रूड़की की टीम पहले ही आगाह कर चुकी है। यह खुलासा एडवोकेट विजय बंसल द्वारा मांगे गए आरटीआई के जवाब में हुआ है। इसकी जांच के लिए सीएम मनोहर लाल को पत्र लिखा है।
पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं हुआ तो तबाही तय : पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह
डीएलएफ निवासी पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने बताया कि प्राकृतिक बहाव को डीएलएफ की रैंप और सुरक्षा दीवार बनाकर रोक दिया गया है। जो आने वाले समय में डीएलएफ और अमरावती के लोगों के लिए खतरा बन सकता है। इस संबंध में करीब एक साल पहले नगर एंव ग्राम नियोजन विभाग और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को शिकायत दी थी। जिसमें मामले की जांच सहित वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई थी, लेकिन आजतक इसपर कुछ नहीं हुआ। अगर यहां सीमेंटेड बड़ा और मजबूत नाला बना दिया जाए तो काफी हद तक बचाव हो सकता है।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने भी मुद्दा उठाया
अमरावती एनक्लेव रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए नेशनल हाईवे को अमरावती एनक्लेव से जोड़ने वाले पुल के ध्वस्त होने का मुद्दा उठाया था। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई का दौरान कहा था कि घग्गर नदी बारिश के दौरान हिमाचल से आने वाले पानी के बहाव के चलते किनारों पर बाढ़ के लिए जानी जाती है।
अदालत ने कहा था कि कौशल्या डैम के निकट एचएसवीपी पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स के सेक्टर 2 से 5 का निर्माण करने जा रहा है जो इस नदी के प्रकोप का शिकार हो सकता है। इसके साथ ही नाडा साहिब गुरुद्वारा के सामने एचएसआईआईडीसी/एचएसवीपी द्वारा बहुमंजिला वाणिज्यिक भवनों का निर्माण किया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में अमरावती एनक्लेव पुल व कांप्लेक्स निर्माण को लेकर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।