संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। ई-टेंडरिंग के विरोध में बीडीपीओ कार्यालय पिंजौर के बाहर धरने पर बैठे सरपंचों का सोमवार को विधायक प्रदीप चौधरी ने समर्थन किया। विधायक ने कहा कि उनकी यह मांग जायज है। एक विधायक होने के नाते मुख्यमंत्री से इस मांग को पूरा करने की अपील करते हैं। विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि जिस तरह सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है, इससे सरपंचों में भी सरकार के खिलाफ रोष बढ़ रहा है। सरकार सरपंचों पर जबरन ई टेंडरिंग थोप रही है। अपनी खुद की प्रशासनिक व्यवस्था की कमियों को दूर करने की जगह जनप्रतिनिधियों को परेशान कर रही है। आज सरकारी कार्यालयों में स्टाफ की कमी है। जगजाहिर है बीजेपी सरकार की हमेशा से यह नीयत रही है कि वह पूंजीपतियों की जेब भरने का काम करती है। चौधरी ने कहा कि सरकार की तानाशाही के कारण आज दो साल की देरी के बाद चुने सरपंचों के काम में रोड़ा अटका रही है। सरपंच धरने देने को मजबूर हैं। विधायक का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की गई ई-टेंडर व्यवस्था पंचायतों के कामकाज में बाधक साबित होगी। सरपंच पहले अपने स्तर पर गांव के लिए 20 लाख रुपये तक के विकास कार्य करा सकता था लेकिन इस व्यवस्था के आने के बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत दो लाख रुपये तक के विकास कार्य करा सकेगी। इस व्यवस्था के लागू होने से गांव में पंचायतों का काम प्रभावित होगा।