कहा- देश के वीर सपूतों के बलिदान के कारण ही हटा अनुच्छेद 370
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। मां! जम्मू-कश्मीर के हालात एक दिन जरूर सुधरेंगे। सारी पाबंदियां हटेंगी। इसका लाभ सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लोगों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को मिलेगा। देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले अशोक चक्र विजेता शहीद मेजर संदीप सांकला अपनी मां से यह बात कहा करते थे। उनकी मां मंजू कंवर शनिवार को पंचकूला में थीं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के रोड शो के बाद वह शहीद को श्रद्धांजलि देने आने वाले नेताओं से मिलने सेक्टर-2 के शहीद मेजर संदीप सांकला के स्मारक स्थल पहुंचीं थीं।
मंजू कंवर ने बताया कि मेजर संदीप सांकला ने बताया था कि कश्मीर के हालात अभी ठीक नहीं हैं। चारों तरफ गोलाबारी हो रही है। अभी एक महीने तक बात नहीं कर पाऊंगा क्योंकि कुपवाड़ा के जफरखान में एक ऑपरेशन में हूं। उसके बाद 8 अगस्त 1991 को जफरखान गांव में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए उनके शहीद होने की सूचना मिली। मंजू कवर ने बताया कि सेना के अधिकारी कहते थे कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के हटने में मेरे बेटे के बलिदान का एक अहम योगदान है। मेरे बेटे के साथ कई वीर सपूतों के त्याग का ही प्रतिफल है कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया। आज जम्मू-कश्मीर के लोगों को ही नहीं बल्कि इसका लाभ हाशिए पर खड़े उन सभी लोगों को मिल रहा है, जिन्होंने अनुच्छेद 370 की वजह से काफी कुछ झेला।
मंजू कंवर ने बताया कि मेरे बेटे ने देश के लिए शहीद होकर भारत मां के साथ अपनी मां का भी गौरव बढ़ाया। एक मां के लिए इससे अधिक फक्र की बात और क्या हो सकती है कि चारों तरफ गोलियां चल रहीं थीं और मेरा बेटा अपने साथी जवान की जान जोखिम में पड़ते देख फायरिंग के बीच रेंगकर आगे बढ़ा और घायल जवान को सुरक्षित स्थान पर लेकर आया। इस बीच आतंकियों ने उस पर दो ग्रेनेड फेंके। वह आतंकियों की गोलियों से जख्मी हो गया। जब तक होश में रहा देश के लिए आतंकियों से लड़ता रहा।
पिता की तरह बेटे ने देश सेवा की
कैप्टन संदीप सांखला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले थे। उनके पिता जेएस कंवर भी सेना थे। पिता का नाम लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस कंवर और मां का नाम मंजू कंवर है। कैप्टन संदीप सांखला बचपन से ही पिता की तरह आर्मी में जाना चाहते थे। 14 जून 1986 को उनका सपना पूरा हुआ था। वह भारतीय सेना की 18 डोगरा रेजीमेंट में कमीशंड हुए थे।