चंडीगढ़। गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला अदालत ने तीन युवकों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी होने वाले तीनों युवक नवदीप, दिशांत और सागर हैं। मामला 2016 का है। सेक्टर-44 निवासी विजय लक्ष्मी नाम की महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके बेटे अजय को नशे की आदत थी। उसका बेटा 30 जुलाई को रात नौ बजे अपने दोस्तों नवदीप और दिशांत के साथ पार्क में घूमने के लिए निकला था। उसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा। महिला ने आरोप लगाया कि अगले दिन नवदीप उनके घर आया। पूछने पर उसने बताया कि वह रात को अजय को घर के पास पार्क में छोड़ गया था। फिर नवदीप ने बताया कि अजय, नवदीप और दिशांत सेक्टर-21 गए थे। वहां पर उन्हें सागर मिला। अजय ने सागर से नशीला इंजेक्शन लेकर लगा लिया, जिसके बाद वह लड़खड़ाने लगा। महिला ने तीनों पर आरोप लगाया कि उसके बेटे की मौत नशीला इंजेक्शन देने और उसे अकेला छोड़ने के कारण हुई है इसलिए तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महिला की शिकायत पर पुलिस ने तीनों पर आईपीसी की धारा 307 और 35 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तीनों को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।