संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद को निपटाने के लिए अब नगर निगम अधिकारी एक खास योजना लेकर आए हैं। इसमें डोर-टू-डोर कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने के लिए नगर निगम लोगों के घरों के बाहर आरएफआईडी की जगह क्विक रिस्पांस कोड (क्यूआर कोड) लगा रहा है। क्यूआर कोड से पता चलेगा कि लोगों के घर से कूड़ा उठा या नहीं। अब रोज हर घर से कूड़ा उठाना निगम कर्मियों के लिए अनिवार्य हो जाएगा। कोई भी कर्मचारी इसमें लापरवाही नहीं बरत सकेगा, क्योंकि अब हर घर में क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इसे नियंत्रण केंद्र से जोड़ दिया जाएगा, ताकि कूड़ा कहां से उठाया गया और कहां से नहीं इस पर निगरानी रखी जा सके।
अगस्त से शहरी क्षेत्र के सभी वार्ड कवर होंगे
इसी माह से लोगों के घरों के बाहर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। अभी वार्ड नंबर 2 और 3 को कवर किया गया है। यहां करीब 6200 घरों के बाहर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। धीरे-धीरे बाकी सभी वार्ड कवर किए जाएंगे। इसमें गांव वार्ड शामिल नहीं किए जाएंगे। जहां नगर निगम की डोर-टू-डोर उठाने वाली गाड़ी जाती है। वहां क्यूआर कोड लगाया जा रहा है।
17 हजार आरएफआईडी लगाया
शहर के करीब 17 हजार मकानों पर आरएफआईडी टैग लगाया गया है। ये टैग सभी मकानों पर लगाने की जगह हर 10वें मकान पर लगाए गए हैं। कचरा उठाने वाली गाड़ी पर इससे संबंधित एक स्कैनर लगाया गया है। गाड़ी जिस मकान के सामने से गुजरती है, उसकी लाइव लोकेशन उसमें फीड हो जाएगी। जिस मकान के सामने गाड़ी रुकेगी तो उसका पता कंपनी के अधिकारियों को रहेगा। अगर किसी सेक्टर से शिकायत आती है तो तुरंत डाटा जांच करके उस शिकायत की हकीकत का पता लगाया जाता है, लेकिन क्यूआर कोड इससे बेहतर विकल्प है। इसलिए इसे ही सभी वार्डों में लगाया जा रहा है।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठा या नहीं, इसकी निगरानी के लिए पंचकूला शहरी क्षेत्र के हर वार्ड में जहां नगर निगम की गाड़ी जाती है। वहां घरों के बाहर क्विक रिस्पांस कोड लगाया जा रहा है। धीरे-धीरे पंचकूला के सभी वार्ड कवर किए जाएंगे। अविनाश सिंगला, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम