चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता और जगरांव से विधायक सरबजीत कौर माणुके ने एनआरआई की कोठी कब्जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए वीरवार को इस संबंधी सभी आरोपों का सिलसिलेवार ढंग से जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा पर चंडीगढ़ में अपने दोस्त की कोठी कब्जाने का आरोप लगाते हुए भी कई तथ्य पेश किए।
चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में विधायक माणुके ने कहा कि 2017 में विधायक बनने के बाद से अब तक उनके और पति के पास कोई प्रापर्टी नहीं हैं और लंबे समय से वह किराए पर मकान लेकर रहते रहे हैं। उन्होंने एनआरआई की कोठी को लेकर कहा कि यह कोठी भी उन्होंने किराए पर ली थी और उसका रेंट एग्रीमेंट भी उनके पास है। वह हर महीने इसका किराया भी दे रहे हैं।
माणुके ने कहा- ‘जब मुझे एनआरआई मकान मालिक की तरफ से कोठी खाली करने को कहा गया तो मैंने नई कोठी खोजने और शिफ्ट करने में एक-डेढ़ महीने का वक्त लगने की बात कही, लेकिन मकान मालिक जल्दीबाजी करने लगे। विवाद हुआ तो मैंने उस कोठी को जल्द खाली करना उचित समझा। अभी कुछ दिन पहले मैंने जगरांव के ही रॉयल कॉलोनी में नया मकान किराए पर ले लिया है, जहां हम शिफ्ट भी हो चुके हैं। मैंने उस कोठी की चाबी भी वापस कर दी है। अब मेरा किसी भी विवादित कोठी से कोई नाता नहीं है।’
खैरा ने चंडीगढ़ सेक्टर-5 में कोठी पर किया कब्जा ः माणुके
माणुके ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाते हुए, सड़क और अवैध कब्जे करने के लिए खैरा को निशाने पर ले लिया। उन्होंने खैरा पर सड़क कब्जाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि खैरा के रामगढ़ वाले मकान के पास की सड़क कहां गायब हो गई? माणुके ने कहा कि भू राजस्व कानून-1972 के अनुसार, पंजाब में पानी वाले क्षेत्र में कोई व्यक्ति 17 एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं रख सकता।
खैरा के घर में उनके पिताजी और दादाजी थे, तो इस हिसाब से उनके पास 34 एकड़ जमीन बनती है लेकिन खैरा परिवार के कब्जे में 51 एकड़ जमीन कहां से आई? माणुके ने खैरा पर अपने दोस्त के जरिये चंडीगढ़ में कोठी हड़पने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खैरा के दोस्त, जो उनके बिजनेस पार्टनर भी हैं, ने चंडीगढ़ सेक्टर-5 में किराए पर मकान लिया लेकिन कुछ समय बाद खैरा उस कोठी के मालिक बन गए।
माणुके ने कहा कि खैरा ने उस कोठी की कीमत मात्र 16 लाख रुपये बताई है जबकि वह करोड़ों की है। माणुके ने कहा कि खैरा ने उस कोठी के असली मालिक से रजिस्ट्री भी नहीं करवाई है। उन्होंने खैरा से सवाल किया कि आखिर चंडीगढ़ की इस कोठी का मालिक कहां है? इसके अलावा खैरा के उस दोस्त पर ड्रग तस्करी का पर्चा भी दर्ज है।