ड्राइविंग लाइसेंस में स्कूली दस्तावेजों से अलग जन्मतिथि होने के चलते चयनित होने वाले आवेदक को नियुक्ति पत्र जारी न करने के मामले का निपटारा करते पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के मांगपत्र पर निर्णय लेने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते मोहम्मद सलीम के एडवोकेट नफीस रूपड़िया ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने मेवात में ड्राइवर के पद के लिए आवेदन मांगे थे।
याचिकाकर्ता नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो गया और चयन के बाद निगम ने अप्रैल 2022 को नियुक्ति की सिफारिश के साथ पत्र सिविल सर्जन को सौंप दिया। कई दिन इंतजार करने के बाद याची को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। याची ने जानकारी मांगी तो पता चला कि उसके स्कूली दस्तावेजों और लाइसेंस में जन्म तिथि अलग-अलग है। याची ने इसके बद एक मांगपत्र देकर कहा कि उसे नियुक्ति पत्र दिया जाए और वह जल्द से जल्द इस गलती को दस्तावेज में ठीक करवा लेगा। बार-बार निवेदन के बाद भी जब याची के दावे पर विचार नहीं किया गया तो याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए अब याची के मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।