चंंडीगढ़। राज्य में वन भूमि पर हुए अवैध निर्माण पर पंजाब सरकार सख्त हो गई है। वन मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने वन भूमि पर हुए अवैध निर्माण की रिपोर्ट विभाग से तलब की है, साथ ही अधिकारियों को हिदायत दी है कि ऐसे कब्जों को हटाने के लिए एक व्यापक योजना बनाई जाए। इस दौरान वह विभाग के अधिकारियों से समीक्षा मीटिंग कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जानकारी के मुताबिक पूरे राज्य में लोगों ने कई जगह पर वन भूमि पर अवैध निर्माण कर रखा है। सूत्रों की माने तो कई जगह तो लोगों अवैध निर्माण कर फॉर्म हाउस व घर तक बनाए हुए हैं जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में सरकार ने सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई है। मीटिंग में राज्य भर की नर्सरियों में शौचालय बनाने के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि यह विभाग द्वारा उठाया गया एक बहुत ही अहम प्रयास है और इसको प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि मुलाजिमों का मनोबल बढ़ाने के लिए जहां भी जरूरत हो, समय पर प्रमोशन दी जाएं।
मंत्री को अधिकारियों ने बताया कि सभी फील्ड अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि यह सुनिश्चित बनाया जाए कि रैंजर स्तर तक सभी कर्मचारी वर्दियां पहनें, जिससे उनकी पहचान बाकियों से अलग हो। इस मौके पर वित्त कमिश्नर (वन) विकास गर्ग, पंजाब राज्य वन विकास कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन राकेश पुरी, पीसीसीएफ आरके मिश्रा, पंजाब राज्य वन विकास कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एमडी धरमिन्दर शर्मा, एपीसीसीएफ (प्रशासन) सौरभ गुप्ता और डीएफओ उपस्थित थे।
वन एरिया बढ़ेगा, 67 लाख पौधे लगाए
पंजाब सरकार राज्य में वन अधीन क्षेत्रफल को बढ़ाने पर प्राथमिकता दे रही है, जिससे हमारी आने वाली पीढि़यों के लिए सेहतमंद पर्यावरण को सुनिश्चित बनाया जा सके। यह बात वन एवं वन्य जीव सुरक्षा मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहीं । उन्होंने कहा कि राज्य भर में पौधे लगाने में तेजी लाई जाए। इस साल अब तक 67 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 51 लाख पौधे पनकैंपा स्कीम के अधीन लगाए गए हैं।