माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा वेयर हाउसिंग के डीएम का रिश्वत लेकर तबादला करवाने के मामले में एसीबी की टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। वीरवार की देर रात पुलिस ने सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया। आरोपी का नाम संदीप घनघस है। विजिलेंस के मुताबिक रुपयों के लेनदेन में बिचौलिया बनकर मुख्य भूमिका अदा की थी। रिश्वत मामले में पहले भी वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी को गिरफ्तार किया गया था। संदीप घनघस पानीपत के हरियाणा वेयर हाउसिंग दफ्तर में बतौर डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तैनात था।
विजिलेंस के मुताबिक रिश्वतकांड में आरोपी की काफी समय से तलाश थी। वह रोहतक पीजीआई में एडमिट था। उसके बाद विजिलेंस की टीम ने रोहतक पीजीआई के डॉक्टरों से बातचीत की और उसकी पूरी मेडिकल रिपोर्ट पर डॉक्टरों के साथ चर्चा की। इसमें यह सामने आया कि आरोपी इतना भी बीमार नहीं था कि उसे अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत पड़े। डॉक्टरों से बातचीत करने के बाद विजिलेंस की टीम ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
यह है मामला
कुरुक्षेत्र के राजेश कुमार की पत्नी का कुरुक्षेत्र के वेयर हाउसिंग ऑफिस में ही बतौर डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ट्रांसफर करवाने को लेकर संदीप घनघस ने पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने जब पूछा कि रिश्वत का रुपया कौन लेगा तो संदीप ने आईएएस जयबीर आर्या का नाम लिया। बाद में ट्रांसफर की डील पांच लाख की जगह तीन लाख में तय हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता की पत्नी का ट्रांसफर बतौर डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कुरुक्षेत्र में हुआ तो और रुपयों के लिए उस पर दबाव बनाया गया। एफआईआर के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र के एक दुकान में रिश्वत का जैसे ही तीन लाख रुपया शिकायतकर्ता ने दिया तो उसी समय एसीबी की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।