माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जलौली गांव में 30 एकड़ 6 कनाल एक मरला भूमि में जिला जेल बनाई जाएगी। कलेक्टर रेट के अनुसार 17 करोड़ रुपये नगर निगम के पास जमा करवा दिया गया है। इसका स्केच पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन ने तैयार कर लिया है। प्रोजेक्ट का एस्टीमेट जल्द तैयार कर विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। नगर निगम की 13 सितंबर 2023 को आयोजित बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद 13 फरवरी 2024 को जिला जेल बनाने के लिए जगह अलॉट किया गया।
जेल बनने के बाद पैसा और समय दोनों की होगी बचत
पंचकूला को जिले का दर्जा 1995 में मिला था। अब 28 साल बाद जिला जेल बनाने की कवायद शुरू हुई है। पंचकूला में जिला अदालत को छोड़कर सीबीआई और एनआईए की 15 अदालतें हैं। यहां गंभीर मामलों में रोजाना आरोपियों को पेश किया जाता है। प्रतिदिन 100 से अधिक कैदियों को 4-5 गाड़ियों से अंबाला से लाया और वापस भेजा जाता है। यह एक खर्चीली और असुरक्षित व्यवस्था है। दूसरी तरफ कैदियों के परिजनों को मुलाकात के लिए अंबाला जाना पड़ता है। जेल के निर्माण के बाद पुलिस और प्रशासन सहित कई हजार लोगों को इसका फायदा पहुंचेगा।
2015 में हुई थी घोषणा
2 सितंबर 2015 को सीपीएस (जेल एवं राजस्व) श्याम सिंह राणा ने पिंजौर में घोषणा की थी कि भूमि अधिग्रहण बिल पास होने के तुरंत बाद प्रदेश की चौथी सेंट्रल जेल का निर्माण पिंजौर के गांव बाड़ गोदाम में किया जाएगा। किसी कारणवश उस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पाया था।
जिला जेल का स्केच तैयार कर लिया गया है। एस्टीमेट तैयार कर जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला जेल जलौली गांव में 30 एकड़ 6 कनाल एक मरला में बनाया जाएगा। आगामी कार्रवाई की जा रही है। - ज्ञानचंद गुप्ता, विस अध्यक्ष पंचकूला।