हरियाणा सरकार ने नई विधानसभा के निर्माण के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अर्ध सरकारी पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने नई विधानसभा के लिए जमीन मांगी है। विधानसभा का नया भवन बनाने को लेकर भविष्य में होने वाले परिसीमन का हवाला दिया गया है।
स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने परिसीमन का हवाला देते हुए सबसे पहले नई विधानसभा का मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनके फैसले को सही मानते हुए अब आगे कदम बढ़ा दिए हैं। गुप्ता यह मांग लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने भी उठा चुके हैं। बिरला भी हरियाणा के प्रस्ताव से सहमत हैं। नई विधानसभा के लिए चंडीगढ़ में जमीन देने का फैसला अब गृह मंत्रालय करेगा। गृह मंत्रालय की सहमति के बाद ही यूटी प्रशासन जमीन के विकल्प सुझाएगा।
मुख्यमंत्री इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में अमित शाह से मुलाकात करने की तैयारी में हैं। वह पहले भी इस मुद्दे को उनके समक्ष उठा चुके हैं, अब वह जमीन को लेकर बात करेंगे। हरियाणा ने मौजूदा सचिवालय के पीछे खाली पड़ी जमीन को अपने स्तर पर नई विधानसभा के लिए चिह्नित किया है।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को लिखे पत्र में परिसीमन में बढ़ने वाली लोकसभा व विधानसभा सीटों का जिक्र किया है। 90 सदस्यीय मौजूदा विधानसभा में अतिरिक्त सदस्यों के बैठने का कोई प्रबंध नहीं है। परिसीमन में लोकसभा की सीट 10 से बढ़कर 14 और विधानसभा सीटें 126 होने की संभावना है। मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल व तेलंगाना सहित आठ राज्य अपनी नई विधानसभा बना चुके हैं।
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि उम्मीद है जल्द जमीन को लेकर फैसला होगा। जमीन मिलते ही सरकार के साथ मिलकर नए भवन की ड्राइंग तैयार की जाएगी ताकि काम को आगे बढ़ाया जा सके।
मोटे तौर पर खींचा जा चुका खाका
नई विधानसभा में कम से कम 150 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, सीएम, डिप्टी सीएम, संसदीय कार्य मंत्री के अलावा सभी मंत्रियों, विपक्ष के नेता और सभी पार्टियों के चीफ व्हिप के दफ्तर अलग से बनेंगे। विधानसभा की सभी कमेटियों के लिए कांफ्रेंस व मीटिंग हॉल के अलावा कमेटियों के चेयरमैन के लिए भी दफ्तर होंगे।