माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। मौसम में बदलाव और असंतुलित खानपान से युवाओं में गठिया की बीमारी लगातार बढ़ती जा रहा है। इसमें सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में लगातार मामले सामने आ रहे हैं। व्यायाम से दूरी और अत्यधिक तला भोजन के सेवन से मोटापा बढ़ता जा रहा है। इस कारण भी युवाओं में यह बीमारी बढ़ी है। जिला नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में तीन सौ मरीज पहुंचे रहे हैं, इनमें 80 से अधिक युवा शामिल हैं।
पंचकूला हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में तीन सौ मरीज पहुंचे रहे हैं। इनमें 80 से अधिक युवा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गठिया रोग ज्यादातर 50 साल की उम्र के बाद होता था, लेकिन आज बदलती जीवनशैली की वजह से यह रोग 35 साल तक के युवाओं में भी देखा जा रहा है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है, खासतौर से जिन महिलाओं को वजन अधिक है। उसमें यह समस्या आ रही है।
इसकी शुरूआत शरीर के किसी भी जोड़ से हो सकती है और समय के साथ-साथ यह शरीर के बाकी जोड़ों को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि शरीर में जोड़ों को नर्म और लचीला बनाए रखने के लिए जोड़ों के बीच में कार्टिलेज होता है। जो जोड़ों पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है। जब ये कम होने लगता है तो हड्डियों के जोड़ों पर दबाव पड़ने लगता है। जिससे जोड़ों में दर्द की समस्या पैदा होती है। वहीं इन्हें फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ रही है। वहीं प्रतिमाह उनकी ओपीडी में पांच केस ऐसे आ रहे हैं, जिनके घुटने बदलने पड़ रहे हैं।
गठिया रोग के लक्षण दिखने पर करें बचाव
अगर किसी व्यक्ति या महिला को घुटने, कंधे, कूल्हे, और हाथ पैर में दर्द, जोड़ों में दर्द, उठने बैठने में परेशानी, दर्द के बाद जोड़ों में सूजन के अलावा खून की कमी अगर किसी मरीज को होती है तो वह तुरंत अपने इलाज के लिए हड्डी रोग विशेष को दिखाएं। डॉक्टर के बताए व्यायाम को लगातार करें। इसके साथ ही खाने में लोगों को मौसमी, संतरा, कीवी, नींबू, सेब जैसे विटामिन युक्त फलों का सेवन करें। हरी सब्जियों का प्रयोग खाने में करें। इसके अलावा ठंडे पदार्थ खाने से परहेज करें। कैफीन के इस्तेमाल से बचें। घी या तेल से बने पदार्थ न खाएं।
अगर महिला या पुरुष में गठिया के कोई भी लक्षण दिखे तो इसके लिए लोग अस्पताल में इलाज के लिए आए। ओपीडी में मरीज डॉक्टर के परामर्श के बाद दवाएं लें। मरीज डॉक्टर की सलाह पर इलाज करवाएं। - जितेंदर सिंह, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6