सकेतड़ी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्री की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बार ट्राइसिटी के बुजुर्गों के लिए मंदिर कमेटी ने खास बंदोबस्त किया है। जिन बुजुर्गों को चलने में दिक्कत है या जो ज्यादा समय कतार में खड़े नहीं हो सकते, उनके लिए मंदिर कमेटी ने पास का इंतजाम किया है। जिससे वह आसानी से पूजा कर सकें। कमेटी की ओर से बुजुर्गों के लिए पास वितरित किया जा रहा है। शुक्रवार को चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली से पहुंचे बुजुर्गों को दर्शन के लिए पास वितरित किया गया। वहीं शिवरात्रि के दिन बुजुर्गों के लिए फ्री मेडिकल चेकअप कैंप का भी आयोजन किया जाएगा।
7 मार्च को फल और दूध बंटेगा
शिवरात्रि के दिन मंदिर के शिवलिंग को 150 क्विंटल दूध का चढ़ावा चढ़ेगा। दूध के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। प्रसाद के लिए चालीस हजार केले और 45 बोरी बेर की व्यवस्था की गई है। यह प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं को भंडारे में वितरित किया जाएगा। मंदिर कमेटी सदस्यों का कहना है कि मंदिर में दूध और फल की बेकद्री नहीं होने दी जाएगी। इसे गरीबों में भी बांटे जाने का प्रावधान है। वहीं मंदिर परिसर में 7 मार्च को फल और दूध बांटा जाएगा।
35 हजार रुपये से सजेगा द्वार
मंदिर की सजावट के लिए 35 हजार रुपये के फूल मंगवाए गए हैं। मंदिर से लेकर मेन गेट तक फूलों की गुफा बनाई जाएगी। वहीं मंदिर के साथ लगते पहाड़ को भी लाइटों से सजाया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी पुलिस बल सेवा दल के करीब 250 से ज्यादा कर्मी शिवरात्रि के दिन मंदिर के आसपास के मौजूद रहेंगे।
6 मार्च को रात ग्यारह बजे खुलेगा मंदिर का कपाट
श्री शिव मंदिर नवदुर्गा चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान मदनलाल ने बताया कि शिवरात्री के एक दिन पहले ही 6 मार्च को मंदिर का कपाट रात 11 बजे प्रभु दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। इस दौरान मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को दूध और फल का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
यह क्रम सात मार्च रात तक चलेगा। शिवरात्रि के दिन सुबह 9 बजे से लेकर 11 बजे तक हवन का आयोजन किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संकीर्तन का आयोजन होगा। 13 मार्च को महाशिवरात्रि का सालाना भंडारा सुबह 10 से शाम 6 बजे तक लगाया जाएगा।
70 पुलिस कर्मी और 100 सेवादार होंगे तैनात
ट्रस्ट के प्रधान मदन लाल ने बताया कि कतार में लगे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके लिए करीब 70 पुलिस कर्मी एक दिन पहले शाम से ही मंदिर के आसपास तैनात होंगे। वहीं ट्राइसिटी सेवा दल, मनसा देवी सेवा दल, जनता सेवा दल के करीब 100 सेवादार व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर के भीतर और बाहर नजर रखेंगे।